
बिजनेस डेस्क। चीन के तीन बैंकों ने कर्ज की अदायगी नहीं करने पर दुनिया भर में फैले भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी की संपत्ति के प्रवर्तन की कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। बता दें कि चीन के इन तीन बैंकों का अनिल अंबानी पर 716 मिलियन डॉलर (करीब 5,276 करोड़ रुपए) बकाया है। इसके अलावा, इसे लेकर कोर्ट में कानूनी कार्यवाही का जो खर्च आया है, वह भी चीनी बैंक वसूलेंगे। बता दें कि पिछले दिनों यूके की एक कोर्ट में सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी ने कहा था कि उनके पास अपना खर्च चलाने के लिए आमदनी का कोई जरिया नहीं रह गया है और वे गहने बेच कर गुजारा कर रहे हैं।
कब लिया फैसला
चीनी बैंकों ने यह फैसला यूके की हाईकोर्ट में शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद लिया है। इसी सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी ने कहा था कि उनके पास अब आमदनी का जरिया नहीं रह गया है। अनिल अंबानी ने कहा था कि वे बेहद सादगी भरा जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अपनी प्रॉपर्टी को बेचने के लिए उन्हें कोर्ट से इजाजत लेनी होगी।
एक समय थे दुनिया के छठे सबसे अमीर
एक समय अनिल अंबानी दुनिया के सबसे अमीर लोगों में छठा स्थान रखते थे। लेकिन आगे चल कर उनका व्यापारिक साम्राज्य लगातार ढहता चला गया। यूके की कोर्ट ने अनिल अंबानी को इस साल 22 मई को ही इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना और डेवलपमेंट बैंक ऑफ चाइना को 716 मिलियन डॉलर (करीब 5,276 करोड़ रुपए) के साथ ब्याज और कानूनी खर्चे के रूप में 750 हजार पाउंड (करीब 7,04 करोड़ रुपए) चुकाने का आदेश दिया था। 22 जून तक अनिल अंबानी के कर्ज की राशि बढ़ कर 717.67 मिलियन डॉलर हो चुकी है।
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