
DA Hike: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सितंबर का महीना खुशखबरी ला सकता है। एक तरफ 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी बड़ी सैलरी बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक, DA में 3 परसेंट की बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो मौजूदा 60 परसेंट DA बढ़कर 63% हो जाएगा। वहीं पेंशनर्स के लिए भी महंगाई राहत यानी DR में इसी तरह बढ़ोतरी का फायदा मिल सकता है।
केंद्रीय कर्मचारियों के DA में बदलाव साल में दो बार किया जाता है। पहला बदलाव जनवरी से और दूसरा जुलाई से प्रभावी माना जाता है। सरकार आमतौर पर इन बदलावों का ऐलान बाद में करती है। जनवरी 2026 में DA में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का DA 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया था। अब जुलाई 2026 के लिए एक बार फिर बदलाव का इंतजार है। अगर इस बार DA में 3 फीसदी की बढ़ोतरी होती है तो यह 60 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। यही वजह है कि कर्मचारियों की नजर सितंबर के संभावित ऐलान पर बनी हुई है। हालांकि कुछ मौकों पर DA का ऐलान अक्टूबर तक भी जा सकता है।
DA का पैसा बेसिक-पे के हिसाब से निकलती है। इसलिए हर कर्मचारी के खाते में अलग-अलग रकम आएगी। अगर DA में 3 प्रतिशत का इजाफा होता है, तो इसका मतलब बेसिक-पे का 3 फीसदी अतिरिक्त DA मिलेगा।
डीए का कैलकुलेशन महंगाई से जुड़े आंकड़ों के आधार पर की जाती है। इसके लिए AICPI-IW (All India Consumer Price Index for Industrial Workers) के आंकड़ों को देखा जाता है। श्रम ब्यूरो की ओर से जारी आंकड़ों के आधार पर महंगाई की स्थिति का आकलन किया जाता है। इसी आधार पर DA में बढ़ोतरी का फैसला किया जाता है।
अगर जुलाई 2026 के लिए DA में बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है, तो केंद्रीय पेंशनर्स के लिए DR (Dearness Relief) में भी बढ़ोतरी की उम्मीद होगी। यानी राहत सिर्फ नौकरी कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी। पात्र पेंशनर्स को भी बढ़ी हुई महंगाई राहत का फायदा मिल सकता है।
DA के अालवा केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी नजर 8वें वेतन आयोग पर है। आयोग का गठन हो चुका है और अब अलग-अलग राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों में जाकर कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और दूसरे पक्षों से बातचीत की जा रही है। राजस्थान के जयपुर में आयोग का दो दिन का दौरा 1 सितंबर को पूरा हो रहा है। इसके बाद सितंबर और अक्टूबर में भी आयोग की कई जगहों पर बैठकें और दौरे प्रस्तावित हैं। आयोग 8 सितंबर को पुडुचेरी, 16 और 18 सितंबर को चंडीगढ़ और 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु का दौरा करेगा। आयोग का काम अभी चल रहा है और कर्मचारियों की तरफ से मिलने वाले सुझावों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।
8वें वेतन आयोग को लेकर सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों की सैलरी की बात नहीं हो रही है। पुराने पेंशनर्स को लेकर भी एक अहम मांग सामने आई है। कर्मचारी संगठनों की ओर से मांग की गई है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स की पेंशन को भी 8वें वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए। इस संबंध में मिली मांगों को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग तक आगे भेजा गया है। अगर आगे चलकर इस मांग को आयोग के दायरे में जगह मिलती है, तो पुराने पेंशनर्स की पेंशन में संशोधन का रास्ता बन सकता है। लेकिन अभी इसे मंजूर फैसला नहीं माना जा सकता।
8वें वेतन आयोग की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसी दिन से नई सैलरी मिलनी शुरू हो जाएगी। पहले आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके बाद सरकार रिपोर्ट पर फैसला लेगी और नई सैलरी व्यवस्था लागू होगी। इस पूरी प्रक्रिया में समय लग सकता है। अगर नई व्यवस्था बाद में लागू होती है और उसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाता है, तो पात्र कर्मचारियों को पिछली अवधि का एरियर मिलने की संभावना बन सकती है।
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