कच्चे तेल की कीमतों में कमी का असर, सऊदी अरामको के 2019 के लाभ में 20.6 प्रतिशत की भारी गिरावट

Published : Mar 15, 2020, 08:12 PM IST
कच्चे तेल की कीमतों में कमी का असर, सऊदी अरामको के 2019 के लाभ में 20.6 प्रतिशत की भारी गिरावट

सार

सऊदी अरामको के 2019 के शुद्ध लाभ में भारी गिरावट आई है ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने रविवार को बताया कि बीते साल उसका शुद्ध लाभ 20.6 प्रतिशत नीचे आ गया

रियाद: सऊदी अरामको के 2019 के शुद्ध लाभ में भारी गिरावट आई है। ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने रविवार को बताया कि बीते साल उसका शुद्ध लाभ 20.6 प्रतिशत नीचे आ गया।

कंपनी ने बयान में कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी और उत्पादन का स्तर कम रहने की वजह से उसका मुनाफा घटा है। पिछले साल दिसंबर में 29.4 अरब डॉलर की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के बाद कंपनी के शेयर सऊदी तडावुल बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद यह कंपनी का पहला वार्षिक परिणाम है।

रिफाइनिंग और रसायन मार्जिन घटने से आई कमी

सऊदी शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि बीते साल उसका शुद्ध लाभ 88.2 अरब डॉलर रहा, जो 2018 में 111.1 अरब डॉलर रहा था। कंपनी ने कहा कि उसके मुनाफे में गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों और उत्पादन में कमी तथा रिफाइनिंग और रसायन मार्जिन घटने की वजह से आई है।

कंपनी ने अपनी अनुषंगी सादरा केमिकल कंपनी को हुए नुकसान की वजह से उसमें अपने निवेश का मूल्य 1.6 अरब डॉलर घटाया है। सऊदी अरामको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमीन नासर ने कहा कि 2019 का वर्ष सऊदी अरामको के लिए अपवाद वाला रहा। इसके लिए कई परिस्थितियां जिम्मेदार हैं। इनमें कुछ पहले से तय और कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियां रही हैं।

वृद्धि और रिटर्न दर्ज कर सके

नासर ने कहा, ‘‘हमारे विशिष्ट पैमाने, कम लागत और लचीलेपन की वजह से हम वृद्धि और रिटर्न दर्ज कर सके। साथ ही हमने दुनिया की सबसे विश्वसनीय ऊर्जा कंपनी की अपनी स्थिति को भी बरकरार रखा है।’’ कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पिछले साल का उसका मुनाफा कोरोना वायरस की मार या सऊदी अरब तथा रूस के बीच छिड़े कीमत युद्ध से प्रभावित नहीं हुआ है।

अरामको ने कहा कि वह 2019 के लिए 73.2 अरब डॉलर का लाभांश देगी। साथ ही कंपनी ने कहा कि आईपीओ में अपनी प्रतिबद्धता के तहत इस साल की शुरुआत से अगले पांच साल के लिए कम से कम 75 अरब डॉलर का लाभांश देगी।

कंपनी ने कहा कि बीते साल उसका पूंजीगत खर्च घटकर 32.8 अरब डॉलर रह गया, जो 2018 में 35.1 अरब डॉलर था।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)

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