
बिजनेस डेस्क। इंडियन स्टेट रिफाइनर की डेली डीजल सेल में नवंबर के मुकाबले दिसंबर में इजाफा देखने को मिला है। वहीं ओमाइक्रोन कोरोनावायरस वैरिएंट में तेजी की वजह से एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में फ्यूल डिमांड को प्रभावित कर सकती है। रिटेल सेलर्स ने दिसंबर में एक दिन में लगभग 208,150 टन डीजल की बिक्री की, जो नवंबर से 8.75 फीसदी और पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 1.48 फीसदी अधिक है। हालांकि, यह कोविड-19 महामारी के विश्व स्तर पर फैलने से पहले दिसंबर 2019 की तुलना में 1.60 फीसदी अभी भी गिरावट देखने को मिली है।
ट्रकर्स एसोसिएशन इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने एक बयान में कहा कि भारत में डीजल खपत करने वाले ट्रकों की आवाजाही दिसंबर में बढ़ी क्योंकि उस महीने देश भर में अधिक फलों और सब्जियों का परिवहन किया गया था, जबकि कारखाने का उत्पादन और निर्यात लगातार बढ़ रहा था। दिसंबर के आखिरी दिनों में भारत में ओमाइक्रोन के तेजी से प्रसार ने व्यापार और वाणिज्य में घबराहट पैदा कर दी थी, जो सड़क परिवहन व्यवसाय को प्रभावित करना शुरू कर रहा था। आपको बता दें कि भारत में रिफाइंड फ्यूल खपत का लगभग दो-पांचवां हिस्सा डीजल का है और यह सीधे औद्योगिक गतिविधि से जुड़ा हुआ है।
60 दिन से डीजल की की कीमत स्थिर
डीजल की कीमत की बात करें तो लगातार 60वें दिन स्थिरता देखने को मिली है। आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल के दाम वही लागू रहेंगे जोकि बीते दिनों से देखने को मिल रहे हैं। आंकड़ों पर बात करें तो नई दिल्ली में डीजल के दाम 86.67 रुपए, कोलकाता में 89.79 रुपए, मुंबई में 94.14 रुपए और चेन्नई में 91.43 रुपए प्रति लीटर हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने दिवाली के ठीक पहले पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके बाद से राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल के भाव स्थिर बने हुए हैं।
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