
बिजनेस डेस्क। वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी (India GDP) 8.4 फीसदी की दर से बढ़ी है। जबकि पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कोविड-19 की वजह से जीडीपी में 7.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। यह आंकड़ें सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Program Implementation) की ओर से जारी किए गए हैं।
कितनी रुपए की हो गई जीडीनी
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में लगातार (2011-12) कीमतों पर जीडीपी 35.73 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जबकि 2020-21 की दूसरी तिमाही में 32.97 लाख करोड़ रुपए देखने को मिली थी। जो 2020 दूसरी तिमाही में 7.4 फीसदी की गिरावट की तुलना में वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही में 8.4 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2022 की पिछली तिमाही में, भारतीय अर्थव्यवस्था 20.1 फीसदी की रिकॉर्ड गति से बढ़ी थी।
जीवीए में भी इजाफा
दूसरी तिमाही में ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी। वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में, ग्रॉस वैल्यू एडेड में 18.8 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि हुई थी। जुलाई-सितंबर तिमाही में निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 8.61 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन पहली तिमाही में 19.35 प्रतिशत की वृद्धि से कम है।
अनुमान के अनुसार रही जीडीनी
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