
EPFO 3.0 PF Transfer Rule: नौकरी बदलने की खुशी तो हर किसी को होती है, लेकिन इसके बाद एक बड़ा सिरदर्द भी शुरू होता है, पुराने PF (Provident Fund) के पैसे को नए अकाउंट में ट्रांसफर करना। कई बार चक्कर काटने और महीनों इंतजार करने के बाद भी पीएफ का पैसा नहीं आता। लेकिन अब आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। सरकार एक नया डिजिटल सिस्टम ला रही है, जिसका नाम EPFO 3.0 है। इसके आने के बाद आपका पीएफ का पैसा UPI की तरह चुटकियों में ट्रांसफर और विदड्रॉ हो जाएगा। आइए जानते हैं कि अभी पीएफ ट्रांसफर में क्या दिक्कतें आती हैं और नया सिस्टम इन्हें कैसे खत्म कर देगा...
1. प्रोफाइल में गलत जानकारी (स्पेलिंग मिस्टेक)
आपका नाम, जन्मतिथि, पता या बैंक अकाउंट नंबर में एक छोटे से अक्षर की गलती भी पूरे प्रोसेस को रोक देती है। अगर आपकी पुरानी कंपनी और नई कंपनी के रिकॉर्ड्स आपस में मैच नहीं खा रहे हैं, तो ट्रांसफर रिक्वेस्ट रिजेक्ट होना तय है।
2. ट्रांसफर रिक्वेस्ट डालने में देरी करना
जॉब बदलते ही सबसे पहला काम यह होना चाहिए कि आप अपनी नई कंपनी को पुराने पीएफ की डिटेल दें। अगर आप ट्रांसफर रिक्वेस्ट भेजने में बहुत ज्यादा लेट कर देते हैं, तो बाद में टेक्निकल दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
3. एक से ज्यादा UAN नंबर होना
नियम के मुताबिक, पूरी लाइफ में एक ही UAN (Universal Account Number) होना चाहिए। लेकिन अगर आपने नई कंपनी को पुराना UAN नहीं बताया, तो वो नया UAN जेनरेट कर देती हैं। दो-दो UAN होने से या पुरानी कंपनी द्वारा आपकी 'Exit Date' (नौकरी छोड़ने की तारीख) अपडेट न करने से पैसा ब्लॉक हो जाता है।
4. कंपनी की तरफ से सुस्ती
कई बार कर्मचारी अपनी तरफ से सब सही करते हैं, लेकिन कंपनी के HR डिपार्टमेंट की लापरवाही से डॉक्यूमेंट्स टाइम पर अपलोड नहीं होते या डिजिटल सिग्नेचर अप्रूव नहीं किए जाते, जिससे फाइल आगे नहीं बढ़ पाती।
5. आधार और पैन कार्ड लिंक न होना
अगर आपका UAN आपके आधार और पैन कार्ड से लिंक नहीं है, तो आपका अकाउंट इनएक्टिव (बंद) हो सकता है। बिना इसके पीएफ पोर्टल पर कोई भी काम ऑनलाइन मुमकिन नहीं है।
6. सरकारी दफ्तर के चक्कर और सिस्टम लोड
सब कुछ ठीक होने के बाद भी EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के पास लाखों अर्जियां पेंडिंग रहती हैं। उनके सर्वर की खराबी, दफ्तरों के बीच तालमेल की कमी और कागजी कार्रवाई की वजह से काम हफ्तों-महीनों लटका रहता है।
EPFO 3.0 असल में पीएफ डिपार्टमेंट का एक बहुत बड़ा और आधुनिक डिजिटल अपग्रेड है। इसका सीधा मकसद पीएफ के काम को पूरी तरह पेपरलेस (बिना कागज के) और इंस्टेंट (तुरंत) बनाना है। इस नए सिस्टम में दो सबसे बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।
1. फेस स्कैन से काम (Face ID)
अब आपको लंबी लाइनों या कठिन क्रेडेंशियल्स की जरूरत नहीं होगी। आप UMANG ऐप पर जाकर सिर्फ अपना चेहरा दिखाकर (Face Authentication) नया UAN चालू कर सकते हैं, पासबुक देख सकते हैं और KYC अपडेट कर सकते हैं।
2. UPI और ATM से निकलेगा पैसा
जैसे आप दोस्तों को यूपीआई से पैसे भेजते हैं, वैसे ही पीएफ का पैसा भी सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होगा। यहां तक कि आप यूपीआई-सपोर्टेड एटीएम से भी पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे। अगर आपका आधार पहली बार लिंक होना है या उसमें कोई सुधार करना है, तो अब आप पोर्टल पर जाकर जॉइंट डिक्लरलेशन (Joint Declaration) ऑप्शन के जरिए इसे आसानी से घर बैठे ठीक कर सकते हैं।
श्रम मंत्री (Labour Minister) मनसुख मांडविया के मुताबिक, सरकार ने इस नए यूपीआई-बेस्ड सिस्टम की टेस्टिंग पूरी तरह से कम्प्लीट कर ली है। टेस्ट के दौरान पीएफ का पैसा बिना किसी रुकावट के सीधे कर्मचारी के बैंक अकाउंट में पहुंच गया। हालांकि सरकार ने अभी किसी फिक्स तारीख (Launch Date) का ऐलान नहीं किया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि इसे बहुत जल्द आम जनता के लिए रोलआउट (शुरू) कर दिया जाएगा।
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