Income Tax Returns: 31 जुलाई से पहले दाखिल करें आयकर रिटर्न, लोन मिलने में आसानी, वीजा भी झट से मिलेगा

Published : Jul 12, 2022, 12:24 PM IST
Income Tax Returns: 31 जुलाई से पहले दाखिल करें आयकर रिटर्न, लोन मिलने में आसानी, वीजा भी झट से मिलेगा

सार

साफ-सुथरे ट्रैक रिकार्ड के लिए 31 जुलाई से रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल कर देना चाहिए क्योंकि इससे कई सारे फायदे होते हैं। हां यदि आप समय से रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं समस्या हो सकती है। पेनाल्टी भी लग सकती है। 

नई दिल्ली. इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की आखिरी तारीख नजदीक आ गई है। इसलिए किसी तरह के जुर्माने या पेनाल्टी से बचना है तो समय सीमा खत्म होने से पहले आईटीआर दाखिल कर देना चाहिए। पहले वित्तवर्ष 2021-22 के लिए आनलाइन आईटीआर दाखिल करना होगा। जिन व्यक्तियों और वेतनभोगी कर्मचारियों के खातों का आडिट करने की आवश्यकता नहीं है, उनके आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक है। यह भी जान लें कि समय से आईटीआर दाखिल करने पर कई सारे फायदे भी होते हैं। 

समय पर आईटीआर तो यह लाभ
जिन करदाताओं के खातों का आडिट करने की आवश्यकता है, उनके लिए समय सीमा 31 अक्टूबर है। हमेशा समय सीमा से पहले आई टी रिटर्न दाखिल करने के महत्व पर जोर दिया जाता है। लेकिन यह जानना भी जरूरी है कि यदि आप समय से आईटीआर दाखिल करते हैं तो क्या लाभ होंगे। इससे सबसे पहला लाभ होगा कि आप पेनाल्ट से बचे रहेंगे। समय से आईटीआर दाखिल नहीं करने पर आयकर नियमों के अनुसार ₹10,000 का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा भी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। आईटीआर फाइलिंग में देरी से आयकर अधिनियम 1961 की धारा 234ए के तहत देय कर पर ब्याज भी लग सकता है।

आसानी से मिलेगा लोन
आयकर रिटर्न दाखिल करने में साफ सुथरा ट्रैक रिकार्ड होने से ऋणदाताओं से ऋण स्वीकृत कराना आसान हो जाता है। लोन आवेदन के मामले में बैंकों को उधारकर्ताओं को अपनी आय के प्रमाण के रूप में आईटीआर विवरण की एक प्रति जमा करने की जरूरत होती है। यदि आईटीआर में देरी होती है या चूक होती है तो आयकर विभाग नोटिस भेज सकता है और आपकी कानूनी परेशानियों को बढ़ा सकता है। यदि आयकर विभाग नोटिस के जवाब से असंतुष्ट रहता है और उचित आधार पाता है, तो कानूनी मामला भी चल सकता है।

क्या होता है कैरी फारवर्ड लास
आयकर नियम नियत तारीख से पहले आईटीआर दाखिल करने के मामले में नुकसान को अगले वित्तीय वर्ष में ट्रांसफर करने का काम करता है। इससे करदाताओं को भविष्य की आय और अपनी देयता को कम करने की स्वीकृति देता है। अधिकांश दूतावास बी वीजा आवेदन के समय आईटीआर हिस्ट्री जमा कराने का नियम लागू करते हैं। टैक्स फाइलिंग का साफ-सुथरा ट्रैक रिकार्ड होने से वीजा आवेदन करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।

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