
बिजनेस डेस्क। एप्पल इंक अब दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी नहीं रही। एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेल की बढ़ती कीमतों के कारण, दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी सऊदी अरामको मार्केट कैप के हिसाब से सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। पिछले कुछ हफ्तों में महंगाई में वृद्धि के कारण एप्पल सहित टेक शेयरों की मांग में गिरावट आई है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को कारोबार बंद होने के कारण सऊदी अरामको की वैल्यू 2.72 ट्रिलियन डॉलर था। दूसरी ओर एप्पल की वैल्यू 2.37 ट्रिलियन डॉलर थी। हालांकि, एप्पल दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनी के रूप में बनी हुई है। 2022 की शुरुआत में, एप्पल 3 ट्रिलियन डॉलर मूल्य की पहली कंपनी बन गई। लेकिन तब से एप्पल के शेयरों में 20 फीसदी की गिरावट आई है और अरामको के शेयरों में 28 फीसदी का उछाल आया है। 1.95 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ माइक्रोसॉफ्ट दूसरी सबसे मूल्यवान टेक कंपनी है।
सऊदी अरामको से पीछे क्यों गिरा एप्पल?
1. चीन कोविड -19 लॉकडाउन: बढ़ते कोविड -19 केसों के कारण चीन के प्रमुख शहरों में सख्त तालाबंदी की गई है। एप्पल अपने बहुत सारे उत्पाद चीन में बनाती है। कंपनी ने पहले कहा था कि चीन में तालाबंदी से सप्लाई चेन पर और दबाव पड़ सकता है और जून तिमाही के परिणामों को 4-8 बिलियन डॉलर तक नुकसान पहुंचा सकता है।
2. हाई लेबर कॉस्ट: अधिकांश कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम (डब्ल्यूएफएच) की मांग के कारण लेबर और ऑपरेटिंग कॉस्ट में वृद्धि हुई है।
3. हाई एट्रिशन रेट्स: कोविड -19 के प्रकोप के बाद से कंपनियों में एट्रिशन रेट हाई लेवल पर है। कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए, कंपनियों को अपनी नीतियों में बदलाव करने के लिए कहा गया है, जिससे ऑपरेटिंग कॉस्ट भी अधिक हो गई है।
4. तेल की कीमतों में वृद्धि: सऊदी अरामको के मुनाफे में पिछले साल की तुलना में 124 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह मुख्य रूप से चल रहे रूस यूक्रेन वॉर के कारण तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण है।
5. महंगाई: दुनियाभर में महंगाई के आंकड़ेंं देखने को मिल रहा है। अमेरिका में महंगाई दर 40 साल के उच्चतम आंकड़े को छू गई है। इससे टेक शेयरों की मांग में गिरावट आई है।
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