
Cheap Flight Ticket Booking Tips: फ्लाइट टिकट बुक करना अब पहले से महंगा पड़ सकता है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो (IndiGo) ने ATF की बढ़ती कीमतों के बीच 6 अक्टूबर से फ्यूल चार्ज बढ़ा दिया है। घरेलू रूट्स पर 100 से 350 रुपए और विदेश की उड़ानों पर 2,500 रुपए तक फ्यूल चार्ज बढ़ाया गया है। ऐसे में टिकट बुक करते समय कुछ छोटी गलतियां आपकी जेब पर भारी पड़ सकती हैं। अक्सर लोग जाने-अनजाने में बुकिंग के दौरान कुछ छोटी-छोटी मिस्टेक कर बैठते हैं, जिससे वही टिकट हजारों रुपए महंगा हो जाता है। अगर आप भी सस्ते में फ्लाइट टिकट पाना चाहते हैं, तो बुकिंग के टाइम 5 कॉमन गलतियों से जरूर बचें।
टिकट के सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर अक्सर 'लाइट फेयर' या 'हैंड बैगेज ओनली' वाले टिकट दिखाई देते हैं। इन टिकटों में सिर्फ 7 किलो का केबिन बैग ले जाने की छूट होती है। अगर आपके पास 15 किलो का बड़ा ट्रॉली बैग है और आपने यह टिकट ले लिया, तो एयरपोर्ट पर एयरलाइन आपसे 500 से 600 रुपए प्रति किलो के हिसाब से अलग से चार्ज वसूल लेगी। ऐसे में पेमेंट से पहले हमेशा टिकट की डिटेल्स में चेक करें कि उसमें 15 किलो का चेक-इन बैगेज शामिल है या नहीं।
सर्च स्क्रीन पर जो कीमत दिखती है, वो फाइनल रकम नहीं होती। जब आप पैसेंजर डिटेल्स भरते हैं, तो लास्ट पेज पर प्रति व्यक्ति 300 से 450 रुपए तक की सुविधा शुल्क (कन्वीनियंस फीस) अपने आप जुड़ जाती है। दो या तीन लोगों की बुकिंग पर ये रकम 1,000 रुपए के पार पहुंच जाती है। इसलिए बुकिंग पोर्टल्स पर चेक करें कि क्या कोई प्रोमो कोड लगाने से कन्वीनियंस फीस माफ हो रही है या फिर किसी खास बैंक कार्ड और नेटबैंकिंग से पेमेंट करने पर ये चार्ज पूरी तरह जीरो हो रहा है।
कम कीमत वाले ज्यादातर एयर टिकट नॉन-रिफंडेबल होते हैं। अगर किसी इमरजेंसी में आपको सफर कैंसिल करना पड़ा, तो एयरलाइन प्रति व्यक्ति 3,000 से 4,000 रुपए का कैंसिलेशन चार्ज काट लेती है। 4,500 रुपए के टिकट पर वापस सिर्फ 200-300 रुपए का सरकारी टैक्स ही हाथ आता है। इसलिए अगर सफर की तारीख को लेकर थोड़ा भी संशय हो, तो 200-300 रुपए ज्यादा देकर 'जीरो कैंसिलेशन' या 'फ्री डेट चेंज' वाला ऐड-ऑन जरूर चुन लें।
डायरेक्ट फ्लाइट के मुकाबले कनेक्टिंग फ्लाइट 30% से 40% तक सस्ती मिल जाती है, लेकिन इसमें दो बड़े रिस्क होते हैं। अगर दो फ्लाइट्स के बीच सिर्फ 35 से 45 मिनट का गैप है और पहली फ्लाइट थोड़ी भी लेट हुई, तो दूसरी फ्लाइट छूट जाएगी। साथ ही दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर अगर टर्मिनल 1 से टर्मिनल 3 जाना पड़ा, तो अंदर-अंदर ही 1.5 घंटा लग जाता है। इससे बचने के लिए कनेक्टिंग उड़ानों के बीच हमेशा कम से कम 2 से 2.5 घंटे का सुरक्षित समय रखें और सुनिश्चित करें कि दोनों उड़ानें एक ही टर्मिनल से ऑपरेट हो रही हों।
ऑनलाइन बुकिंग ऐप्स अक्सर कई चीजों को पहले से टिक (Auto-Selected) करके रखते हैं। बिना आपकी मर्जी के बिल में 199 रुपए का बीमा, 350 रुपए का खाना और 250 से 400 रुपए तक की पेड सीट जुड़ जाती है। इससे टिकट की कुल कीमत बिना वजह बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए 'Pay Now' दबाने से पहले बिल का ब्रेकअप खोलें। गैर-जरूरी इंश्योरेंस, चैरिटी डोनेशन और सीट के टिक को हटा दें। सीट का चुनाव आप सफर से 24 से 48 घंटे पहले वेब चेक-इन करते वक्त फ्री में भी कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और सूचना के लिए है। इसमें दी गई जानकारी आम उपभोक्ता जागरूकता, यात्रा के सामान्य नियमों और ऑनलाइन बुकिंग ट्रेंड्स पर आधारित है। अलग-अलग एयरलाइंस और ट्रैवल बुकिंग पोर्टल्स के नियम, बैगेज पॉलिसी, कैंसिलेशन चार्ज और सुविधा शुल्क (कन्वीनियंस फीस) समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी टिकट को फाइनल बुक करने या पेमेंट करने से पहले संबंधित एयरलाइन अथवा बुकिंग प्लेटफॉर्म के ताजा नियम और शर्तें (Terms & Conditions) ज़रूर चेक कर लें।
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