Goa में मिट्टी से कमाई! 150 साल पुराना हुनर, जो अब बन गया ग्लोबल बिजनेस मॉडल

Published : May 05, 2026, 05:00 PM IST
Goa Traditional Business

सार

Goa Traditional Business: गोवा की पहचान सिर्फ बीच और पार्टी नहीं है, बल्कि यहां 150 साल पुरानी मिट्टी की कला आज भी जिंदा है। कारीगरों ने इस पारंपरिक पोटरी को मॉडर्न डिजाइन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़कर इसे एक सफल बिजनेस मॉडल बना दिया है। 

Goa Local Business Ideas: गोवा का नाम सुनते ही आपके दिमाग में क्या आता है? लहराता समंदर, चमकते बीचेस और रातभर चलने वाली पार्टियां। है ना? लेकिन क्या आप जानते हैं कि गोवा के इस ग्लैमर के पीछे एक बहुत ही शांत और खूबसूरत दुनिया भी है? यहां की गलियों में आज भी मिट्टी की वह खुशबू जिंदा है, जो 150 साल पुरानी विरासत को समेटे हुए है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे गोवा के कुछ कलाकारों ने पुरानी मिट्टी की कला को एक सुपरहिट बिजनेस मॉडल में बदल दिया है।

गोवा में बीचेस के शोर में छिपी सुकून की कला

गोवा की रंग-बिरंगी संस्कृति में एक ऐसी दुनिया भी है, जहां चाक (Wheel) पर घूमती मिट्टी सिर्फ बर्तन नहीं, बल्कि पीढ़ियों की कहानियां गढ़ती है। यहां मिट्टी का काम सिर्फ मजदूरी नहीं, बल्कि एक पहचान बन चुका है। कुछ परिवार यह काम पिछले 150 सालों से चल रहा है। उनके दादा और पिता भी यही काम करते थे। करीब 40-50 साल पहले मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल सिर्फ खाना पकाने या रोटियां बनाने के लिए होता था। बीच में यह कला थोड़ी फीकी पड़ने लगी थी, लेकिन इन परिवारों के जुनून ने इसे फिर से जिंदा कर दिया।

जब मिट्टी बनी 'मॉडर्न आर्ट'

आज गोवा की पोटरी (Pottery) सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। अब इसमें आधुनिकता का तड़का लग चुका है। इसमें कुछ कलाकारों ने पुरानी कला को आज की लाइफस्टाइल से जोड़ दिया है। उनके काम में मछली, ऑक्टोपस और कोरल (Coral) जैसे समुद्री जीवों की झलक मिलेगी। अब मिट्टी से सिर्फ मटके नहीं, बल्कि लग्जरी डेकोरेशन के पीस और कस्टम डिजाइन वाले सिरेमिक आइटम बनाए जा रहे हैं।

मिट्टी के गहने और ऑनलाइन डिमांड

अब गोवा की मिट्टी से सुंदर और रंग-बिरंगे गहने (Jewelry) भी बनाए जा रहे हैं। जो लोग कुछ अलग और हैंडमेड पहनना पसंद करते हैं, उनके लिए ये मिट्टी के गहने पहली पसंद बन गए हैं। गोवा घूमने आने वाले लोग तो इसे खरीदते ही हैं, लेकिन अब सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रेजेंस की वजह से इनके पास पिछले 15 सालों से वफादार ग्राहक जुड़े हुए हैं।

क्यों खास है यह बिजनेस मॉडल?

यह कला अब सिर्फ म्यूजियम में रखने की चीज नहीं रह गई है, बल्कि कमाई का एक शानदार जरिया बन गई है, क्योंकि यह पूरी तरह इको-फ्रेंडली है। इसमें लोकल पहचान और ग्लोबल डिजाइन का मेल है। यह पर्यटकों को कुछ ऐसा देता है जो उन्हें दुनिया में कहीं और नहीं मिलता।

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