
नई दिल्ली: देश का सोने का आयात चालू वित्त वर्ष के पहले 11 माह (अप्रैल-फरवरी) के दौरान 8.86 प्रतिशत घटकर 27 अरब डॉलर (1.90 लाख करोड़ रुपये) । वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। सोने के अधिक आयात से चालू खाते का घाटा (कैड) प्रभावित होता है।
इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में सोने का आयात 29.62 अरब डॉलर रहा था। सोने के आयात में कमी से वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में देश का व्यापार घाटा कम होकर 143.12 अरब डॉलर रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष इसी अवधि में 173 अरब डॉलर रहा था।
सोने का आयात लगातार घटा
पिछले साल दिसंबर से सोने का आयात लगातार घट रहा है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक है। भारत मुख्य रूप से सोने के आयात से घरेलू आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है। देश का सालाना सोना आयात 800 से 900 टन है।
व्यापार घाटे और कैड पर सोने के आयात के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए सरकार ने इस पर आयात शुल्क 10 से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया। स्वर्णाभूषण उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र की कंपनियां ऊंचे शुल्क की वजह से अपने विनिर्माण कारोबार को पड़ोसी देशों में स्थानांतरित कर रही हैं।
आयात शुल्क को चार प्रतिशत करने की मांग
रत्न एवं आभूषण निर्यातकों ने आयात शुल्क को घटाकर चार प्रतिशत करने की मांग की है। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से फरवरी अवधि में रत्न एवं आभूषणों का निर्यात 8.25 प्रतिशत घटकर 33.78 अरब डॉलर रह गया। वित्त वर्ष 2018-19 में मूल्य के हिसाब से देश का सोना आयात तीन प्रतिशत घटकर 32.8 अरब डॉलर रहा था।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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