
बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकार देते हुए कहा कि मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष 2021/22 में भारत का ग्राॅस टैक्स कलेक्शन बढ़कर 27.07 लाख करोड़ (356.82 बिलियन डाॅलर) हो गया, जो रिवाइज्ड टारगेट को बड़े अंतर से पार कर गया। फरवरी में, भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 22 के लिए 22.17 लाख करोड़ रुपए के पूर्व अनुमान से टैक्स रिसिप्ट के टारगेट को बढ़ाकर 25.16 लाख करोड़ रुपए कर दिया था।
किस टैक्स कलेक्शन में हुअा कितना इजाफा
राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन रिपोर्टिंग वर्ष में 14.10 लाख रुपए करोड़ रहा, जो कि बजट अनुमान से 3.02 लाख करोड़ रुपए अधिक है। वित्त वर्ष 2022 में डायरेक्ट कलेक्शन 49 फीसदी बढ़ा, जबकि इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 30 फीसदी बढ़ा। डायरेक्ट टैकस के तहत, कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन में 56 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि पर्सनल इनकम टैक्स में 43 फीसदी का इजाफा हुआ है। बजाज ने कहा कि इनडायरेक्ट टैक्स में सीमा शुल्क में 48 फीसदी की वृद्धि हुई, जो इकोनाॅमी में मजबूत व्यापार को दर्शाता है, कुल मिलाकर बेहतर कर राजस्व अर्थव्यवस्था की लचीलापन और मजबूत वसूली को दर्शाता है।
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टैक्स रेश्यो हुआ बेहतर
वित्त मंत्रालय ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 में कर-जीडीपी अनुपात 11.7 फीसदी का उच्चतम कर-जीडीपी अनुपात है, जिसमें प्रत्यक्ष कर से जीडीपी अनुपात 6.1 फीसदी और अप्रत्यक्ष कर से जीडीपी अनुपात 5.6 फीसदी है। कर उछाल, जो कि सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि की तुलना में कर राजस्व में वृद्धि का एक उपाय है, 1.9 के बहुत स्वस्थ आंकड़े पर है, मंत्रालय ने कहा कि यह प्रत्यक्ष करों के लिए 2.8 और अप्रत्यक्ष करों के लिए 1.1 है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों का अनुपात 2020-21 में 0.9 से वापस 2021-22 में 1.1 हो गया।
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