
नई दिल्ली। जल्दी ही लोगों को आधा लीटर दूध का पैकेट खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। वहीं, एक लीटर दूध के पैकेट की कीमत में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी। केंद्र सरकार ने सभी डेयरी कंपनियों को ऐसा करने के निर्देश दिए हैं। कीमत में कितनी बढ़ोत्तरी की जाएगी, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है। कीमत बढ़ाए जाने के पीछे सरकार का मकसद सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करना है। आधा लीटर दूध के पैकेट की कीमत बढ़ाने से लोग एक लीटर का पैकेट ज्यादा खरीदेंगे।
आधा लीटर पैकेट का कम होगा प्रोडक्शन
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पशुपालन और डेयरी सचिव अतुल चतुर्वेदी ने अमूल और दूसरी सभी प्रमुख डेयरी कंपनियों को कहा है कि वे आधा लीटर वाले पैकेट का उत्पादन कम करें। साथ ही, एक लीटर के पैकेट में रियूजेबल प्लास्टिक का इस्तेमाल करने को कहा गया है। यही नहीं, जो कस्टमर एक लीटर का पैकेट वापस करेंगे, उन्हें प्रोत्साहन के लिए कुछ छूट देने को भी कहा गया है।
खाली पैकेट का होगा सड़क बनाने में इस्तेमाल
सरकार ने कहा है कि दूध के खाली पैकेट का इस्तेमाल सड़क बनाने के काम में किया जाएगा। कंपनियों से कहा गया है कि 2 अक्टूबर से वे आधा लीटर दूध वाले पैकेट का उत्पादन घटा दें।
पर्यावरण की सुरक्षा है मकसद
आधा लीटर वाले दूध का पैकेट महंगा किए जाने के पीछे सरकार का मकसद पर्यावरण की सुरक्षा करना है। सरकार का मानना है कि दाम ज्यादा होने पर लोग आधा लीटर के पैकेट की जगह एक लीटर का पैकेट ही खरीदेंगे। फिलहाल, ज्यादा लोग आधा लीटर दूध वाला पैकेट ही खरीदते हैं।
रोज निकलता है 20 हजार टन प्लास्टिक कचरा
पर्यावरण मंत्रालय का कहना है कि देश में रोज 20 हजार टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, जिसमें सिर्फ 14 हजार टन ही जमा हो पाता है। इस कचरे में दूध की प्लास्टिक थैलियां भी काफी होती हैं। ऐसे में, आधा लीटर दूध का पैकेट महंगा किए जाने से कुछ तो असर होगा।
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