
नई दिल्ली [भारत], 18 जुलाई (एएनआई): 360 वन कैपिटल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय दवा क्षेत्र (pharmaceutical sector) आने वाली तिमाहियों में एक स्वस्थ विकास पथ बनाए रखने की उम्मीद है। इसे लगातार घरेलू मांग, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन/एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (CDMO/API) सेगमेंट की गतिविधि में रिकवरी और GLP-1 थेरेपी में बढ़ते अवसरों से समर्थन मिलेगा। हालांकि, अमेरिकी कारोबार दबाव में बना हुआ है और इनपुट-लागत का जोखिम भी बरकरार है।
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह सेक्टर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 10 प्रतिशत की सालाना राजस्व वृद्धि दर्ज करेगा, जिसमें घरेलू और CDMO/API सेगमेंट में क्रमशः 12.7 प्रतिशत और 9.9 प्रतिशत की वृद्धि होगी। हालांकि, रेवलिमिड से संबंधित बिक्री के कारण बने हाई बेस की वजह से अमेरिकी कारोबार में 9.3 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है। EBITDA मार्जिन 125 बेसिस प्वाइंट घटकर 24.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, क्योंकि उच्च माल ढुलाई, बिजली और इनपुट लागत का असर मुनाफे पर पड़ेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू बाजार में "12.7% की स्वस्थ सालाना वृद्धि के साथ 272 अरब रुपये" की उम्मीद है। यह वृद्धि बढ़ते GLP-1 सेगमेंट, नए उत्पादों के लॉन्च, कॉम्प्लेक्स जेनरिक की ओर झुकाव, बेहतर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव प्रोडक्टिविटी, कीमतों में बढ़ोतरी और ब्रांडों के इन-लाइसेंसिंग से प्रेरित होगी।
CDMO/API सेगमेंट एक प्रमुख विकास इंजन बने रहने की संभावना है। रिपोर्ट में वैश्विक कंपनियों से कोटेशन और प्रस्तावों के लिए बढ़ती पूछताछ और एक स्वस्थ ऑर्डर बुक के आधार पर "89 अरब रुपये तक 9.9 प्रतिशत की ठोस वार्षिक वृद्धि" का अनुमान लगाया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि भारतीय CDMO कंपनियां एक मजबूत स्ट्रक्चरल कैपेक्स साइकिल और पेप्टाइड्स, एडीसी और हाईली पोटेंट एपीआई जैसी अलग क्षमताओं में निवेश से भी लाभान्वित हो रही हैं।
डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज द्वारा एपीआई से संबंधित गुणवत्ता की समस्या का पता चलने के बाद अपने जेनेरिक सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन की कमर्शियल सप्लाई बंद करने से तेजी से बढ़ रहे GLP-1 अवसर से जुड़ी कई कंपनियां भी प्रभावित हुई हैं। इससे उत्पाद लॉन्च और मैन्युफैक्चरिंग टाइमलाइन को लेकर निकट भविष्य में अनिश्चितता बढ़ गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह समस्या कमर्शियल स्केल-अप के दौरान कुछ बैचों के स्पेसिफिकेशन से बाहर होने से जुड़ी है, जबकि सेमाग्लूटाइड मैन्युफैक्चरिंग को फिर से शुरू करना एक प्रमुख निगरानी का विषय बना हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "CRAMS/API कंपनियां संरचनात्मक रूप से बढ़ने के लिए तैयार हैं," साथ ही यह भी कहा गया है कि कारोबारी माहौल स्थिर होने के साथ अमेरिका पर केंद्रित कंपनियों के भी धीरे-धीरे उबरने की उम्मीद है। लंबी अवधि में, बेहतर मैक्रोइकॉनॉमिक स्थितियों, मजबूत विकास संभावनाओं और बढ़ती विलय और अधिग्रहण गतिविधि से सेक्टर की रिकवरी को समर्थन मिलने की उम्मीद है। (एएनआई)
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