
Infosys Share Today: अगर आपके पोर्टफोलियो में इंफोसिस, TCS या विप्रो जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर हैं, तो आज का दिन आपके लिए भी थोड़ा टेंशन भरा हो सकता है। शुक्रवार को शेयर बाजार खुलते ही आईटी स्टॉक्स में हाहाकार मच गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT Index) करीब 6.5% तक टूट गया है। सबसे ज्यादा मार पड़ी है दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस पर, जिसके शेयर शुरुआती बाजार में ही 7.5% से ज्यादा गिर गए हैं। लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि कल तक मुनाफा दे रहे ये शेयर्स आज लाल निशान में आ गए? क्या आपको डरकर अपने शेयर बेच देने चाहिए या यह खरीदारी का एक बेहतरीन मौका है? आइए जानते हैं मार्केट एक्सपर्ट्स क्या कह रहें...
इस पूरी हलचल के पीछे अमेरिका की एक कंपनी एक्सेंचर (Accenture) है। यह दुनिया की सबसे बड़ी आईटी और कंसल्टिंग कंपनियों में से एक है। मतलब एक्सेंचर आईटी सेक्टर की वो बड़ी कंपनी है, जिसकी सेहत से पूरी इंडस्ट्री का मूड तय होता है। कल रात एक्सेंचर ने अपने तिमाही नतीजे (Quarterly Results) जारी किए और साथ ही एक ऐसा ऐलान कर दिया जिसने पूरी दुनिया के निवेशकों को डरा दिया।
जब अमेरिका और यूरोप की कंपनियां अपना बजट घटाती हैं या कम ग्रोथ की बात करती हैं, तो उसका सीधा असर इंफोसिस, टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसी भारतीय कंपनियों पर पड़ता है। वजह साफ है, भारतीय आईटी कंपनियों की ज्यादातर कमाई इन्हीं विदेशी क्लाइंट्स से होती है। यही वजह रही कि अमेरिका में ही कल इंफोसिस और विप्रो के ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) 10% तक गिर गए थे, जिसका असर आज हमारे घरेलू बाजार पर दिख रहा है।
Infosys Share- 7.5%
TCS Share- 6.0%
Tech Mahindra Share- 6.0%
Mphasis Share 6.0%
HCL Tech Share- 5.0%
Wipro Share- 4.0%
नोट- ये गिरावट सुबह बाजार खुलने के समय के हैं।
भले ही शॉर्ट टर्म के लिए खबर बुरी है, लेकिन इसी रिपोर्ट में एक ऐसी बात भी है जो भविष्य के लिए बहुत बड़ा इशारा कर रही है। एक्सेंचर की सीईओ जूली स्वीट (Julie Sweet) ने बताया कि भले ही क्लाइंट्स अभी पारंपरिक काम पर कम खर्च कर रहे हों, लेकिन AI (Artificial Intelligence ), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सर्विसेज पर मांग बहुत मजबूत है। एक्सेंचर ने एलान किया है कि वो इस साल कंपनियों को खरीदने (Acquisitions) और अपनी AI ताकत को बढ़ाने के लिए $9 बिलियन (करीब 75,000 करोड़ रुपए) खर्च करने जा रही है। पहले यह बजट सिर्फ $5 बिलियन था। इसका मतलब यह है कि जो कंपनियां खुद को AI के हिसाब से ढाल लेंगी, उनका भविष्य शानदार है। इंफोसिस और TCS जैसी भारतीय कंपनियां भी इस रेस में पीछे नहीं हैं।
खतरा किसके लिए है?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप शॉर्ट-टर्म ट्रेडर हैं या आपने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में पोजीशन ले रखी है, तो यह समय थोड़ा संभलकर चलने का है। जब तक मार्केट में स्थिरता नहीं आती, तब तक आईटी स्टॉक्स में भारी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
मौका किसके लिए है?
अगर आप लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर हैं, जो 2 से 5 साल के लिए पैसा लगाते हैं, तो यह गिरावट आपके लिए एक शानदार मौका बन सकती है। इंफोसिस और टीसीएस जैसी मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियां जब इतने बड़े डिस्काउंट पर मिलती हैं, तो उसे 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट में खरीदारी) का मौका माना जाता है। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि एक बार में सारा पैसा लगाने की गलती न करें। अगर आप आईटी सेक्टर में भरोसा रखते हैं, तो SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए हर गिरावट में थोड़े-थोड़े शेयर्स अपने पोर्टफोलियो में जोड़ सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।
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