
July Tax Deadlines 2026: बुधवार से जुलाई का महीना शुरू हो रहा है और यह महीना आपके बैंक अकाउंट के लिए बहुत भारी पड़ सकता है। अगर आपने थोड़ी सी भी लापरवाही दिखाई, तो सरकार को सीधे ₹5,000 तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। चाहे आप नौकरीपेशा (Salaried) हों, कोई छोटा-बड़ा बिजनेस चलाते हों या फिर किसी को सैलरी देते हों, अगले 31 दिन आपके लिए 'टैक्स वाले दिन' हैं। आखिरी वक्त की भागदौड़ और एक्स्ट्रा पैसों के नुकसान से बचना है, तो अपने फोन के कैलेंडर में ये 4 तारीखें आज ही मार्क कर लें।
अगर आपका बिजनेस है और आप किसी को पेमेंट करते वक्त TDS काटते हैं, तो अप्रैल से जून तक का टीडीएस इस दिन तक सरकार के पास जमा करना है। ये सिर्फ उन लोगों पर लागू होता है जिन्हें क्वार्टरली पेमेंट की परमिशन मिली हुई है। समय पर जमा न करने पर ब्याज और दूसरी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।
ये डेट खास तौर पर सरकारी ऑफिस, स्टॉक एक्सचेंज, बैंक और उन कंपनियों के लिए है जो विदेश में रहने वाले निवेशकों के साथ काम करती हैं। अगर आप आम आदमी हैं और सिर्फ नौकरी करते हैं, तो ये डेट सीधे आप पर लागू नहीं होती है, लेकिन अगर आपका कोई बिजनेस इस कैटेगरी में आता है तो ध्यान दें।
जिन लोगों ने जून महीने में किसी से पैसा काटा (TDS), उन्हें इस दिन तक उसका चालान-स्टेटमेंट सरकार को भेजना है। ये एक तरह का प्रूफ होता है कि पैसा सही तरीके से काटा और जमा किया गया।
अगर आप ITR-1 या ITR-2 फॉर्म से रिटर्न भरते हैं (यानी आप सैलरीड हैं या आपकी कमाई सीमित सोर्स से आती है), तो FY26 के लिए रिटर्न इस दिन तक भरना जरूरी है। देर हुई तो बिलेटेड रिटर्न भरना पड़ेगा, जिसमें एक्स्ट्रा पैसा लगता है — और यही वो जगह है जहां ₹5,000 तक की चपत लग सकती है।
जिन कंपनियों या लोगों ने सैलरी पर या विदेश में रहने वालों को पेमेंट करते वक्त टैक्स काटा, उन्हें जून क्वार्टर की पूरी रिटर्न भी इसी दिन तक फाइल करनी है।
31 जुलाई सिर्फ ITR की डेडलाइन नहीं है। कुछ विशेष टैक्स छूट और राहत पाने के लिए जरूरी फॉर्म भी इसी तारीख तक जमा करने होंगे, जिनमें Form 10BA, Form 10E और कुछ अन्य निर्धारित फॉर्म शामिल हैं। अगर आप किराया, एरियर सैलरी या कुछ विशेष आय पर टैक्स राहत लेना चाहते हैं, तो इन फॉर्म्स को समय पर जमा करना जरूरी है।
आप 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं, यानी देर से भरा हुआ रिटर्न। इसके बाद भी अगर रह जाए, तो 24 महीने के अंदर अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) भरने का ऑप्शन है, बस उसमें थोड़ा एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा लेकिन देर से भरने का मतलब है कि आपको पेनाल्टी चुकानी होगी, ब्याज देना होगा, और सबसे बड़ी बात — आपके कुछ पुराने नुकसान (लॉस) को आगे की कमाई से एडजस्ट करने का हक भी खत्म हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य उद्देश्यों के लिए है और इसे टैक्स या कानूनी सलाह न समझें। टैक्स नियम और डेडलाइन समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए लेटेस्ट और सटीक जानकारी के लिए इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें या किसी क्वालिफाइड CA/टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें। किसी भी फैसले से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
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