Kalyan Jewellers Share: 3 महीने में पैसा डेढ़ गुना, अब ज्वैलरी स्टॉक में आएगी 46% तेजी? जानें नया टारगेट

Published : Oct 09, 2026, 10:11 AM IST

Kalyan Jewellers Share Price Target: कल्याण ज्वैलर्स के शेयर ने पिछले 90 दिनों में जिस तरह की रफ्तार पकड़ी है, उसने पैसा करीब डेढ़ गुना बढ़ा दिया है। अब सवाल ये है कि क्या इसमें दांव लगाने का मौका अभी बाकी है? जानिए Jefferies की ताजा रिपोर्ट...

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कल्याण ज्वैलर्स शेयर का 3 महीने का रिटर्न

कल्याण ज्वैलर्स के शेयरों में पिछले तीन महीनों से लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है। तीन महीने पहले यह शेयर करीब ₹355 के आसपास ट्रेड कर रहा था। हालिया क्लोजिंग में यह उछलकर ₹556 के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान निवेशकों को सीधे तौर पर करीब 55% का तगड़ा रिटर्न मिला है। बाजार के जानकारों का कहना है कि फेस्टिव और वेडिंग सीजन की मांग के बीच कंपनी के मजबूत बिजनेस ने स्टॉक को लगातार सपोर्ट दिया है।

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कल्याण ज्वैलर्स शेयर से 46% से ज्यादा कमाई की उम्मीद

अगर आपको लगता है कि तेजी खत्म हो चुकी है, तो जेफरीज के आंकड़े आपको चौंका सकते हैं। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक जेफरीज इंडिया ने अपनी नई रिसर्च रिपोर्ट में कल्याण ज्वैलर्स पर बेहद सकारात्मक रुख बनाए रखा है। नया टारगेट प्राइस ₹830 प्रति शेयर रखा है। इस तरह अनुमानित बढ़त (Upside) मौजूदा स्तर से करीब 46% या उससे ज्यादा है। जेफरीज की रिपोर्ट तैयार होते वक्त शेयर का भाव ₹568.80 था, जबकि NSE पर ये गुरुवार को ₹556 के आसपास बंद हुआ। इसका मतलब ये है कि मौजूदा भाव पर एंट्री करने वाले निवेशकों के पास 46% से भी ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका बन सकता है।

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कल्याण ज्वैलर्स शेयर ब्रोकरेज को क्यों पसंद आ रहा है?

भरोसे और रिश्ते का कारोबार

जेफरीज की ये रिपोर्ट कंपनी के प्रमोटर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रमेश कल्याणरामन के साथ हुई बातचीत के बाद सामने आई है। बातचीत में कंपनी के ग्रोथ मॉडल को लेकर कई अहम बातें निकलकर सामने आईं। ज्वैलरी सिर्फ गहनों की खरीद-फरोख्त नहीं, बल्कि पीढ़ियों के विश्वास से जुड़ा बिजनेस है। कल्याण ज्वैलर्स की साख समय के साथ और मजबूत हुई है।

लोकल पसंद और नेशनल पहचान

कंपनी ने हर शहर और राज्य के ग्राहकों की पसंद को समझा है। इसे 'हाइपरलोकल मॉडल' कहा जाता है, जहां दुकान भले ही नेशनल ब्रांड की हो, लेकिन गहने वहां के स्थानीय रीति-रिवाजों और पसंद के मुताबिक मिलते हैं।

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कल्याण ज्वैलर्स की आगे की रणनीति क्या है?

अंधाधुंध खर्च नहीं, समझदारी से स्टोर बढ़ाने की रणनीति

अक्सर कंपनियां तेजी से आगे बढ़ने के चक्कर में भारी कर्ज या अंधाधुंध पैसा झोंक देती हैं, लेकिन कल्याण ज्वैलर्स ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना है।

FOCO मॉडल का फायदा

कंपनी फ्रेंचाइजी मॉडल (Franchise Owned, Company Operated) पर काम कर रही है। इसमें पूंजी फ्रेंचाइजी पार्टनर की होती है और स्टोर का पूरा मैनेजमेंट खुद कंपनी संभालती है। इससे कंपनी पर भारी वित्तीय बोझ नहीं पड़ता।

नए ब्रांड्स पर फोकस

मुख्य कारोबार को छेड़े बिना 'Candere' जैसे डिजिटल और लाइटवेट ज्वैलरी ब्रांड्स के लिए अलग टीमें बनाई गई हैं, ताकि युवा ग्राहकों को भी जोड़ा जा सके।

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कल्याण ज्वैलरी शेयर में दांव लगाने का मौका है या नहीं?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, भारत का ज्वैलरी मार्केट बहुत बड़ा है, लेकिन आज भी इसका ज्यादातर हिस्सा असंगठित (लोकल सुनारों) के पास है। ब्रांडेड और भरोसेमंद कंपनियों की हिस्सेदारी अभी भी सीमित है। इसका सीधा फायदा कल्याण ज्वैलर्स जैसे बड़े ब्रांड को मिल रहा है। इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड में बड़े संस्थागत निवेशक जैसे वारबर्ग पिंकस और सख्त ऑडिट व्यवस्था होने की वजह से छोटे-बड़े सभी निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है।

डिस्क्लेमर: ये खबर सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से शेयर की गई है। इसमें दी गई राय और स्टॉक टारगेट ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) की रिसर्च रिपोर्ट पर आधारित हैं, ये किसी भी प्रकार की सीधी खरीद-बिक्री या निवेश की सिफारिश (Investment Advice) नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने या ट्रेडिंग करने से पहले खुद रिसर्च करें और अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर (SEBI रजिस्टर्ड एक्सपर्ट) से सलाह जरूर लें।

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