
LIC Official Website: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की पॉलिसी के तहत पेंशन या एन्युटी पाने वाले ग्राहकों के लिए लाइफ सर्टिफिकेट से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है। इस दस्तावेज के जरिए पेंशनधारक के जीवित होने की पुष्टि की जाती है। निर्धारित समय पर जरूरी प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन भुगतान में रुकावट आ सकती है। ऐसे में पेंशनधारकों को अपनी पॉलिसी के नियमों और प्रमाण पत्र जमा करने की समय सीमा की जानकारी रखनी चाहिए।
लाइफ सर्टिफिकेट को एलआईसी में सर्टिफिकेट ऑफ एग्जिस्टेंस भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य यह पुष्टि करना है कि एन्युटी पाने वाला व्यक्ति जीवित है। इसे जमा करने की जरूरत और समय सीमा पॉलिसी की शर्तों तथा चुने गए एन्युटी विकल्प पर निर्भर करती है। इसलिए सभी पेंशनधारकों के लिए एक ही समय सीमा मानना सही नहीं होगा।
लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की तारीख आपकी पॉलिसी और एलआईसी के लागू नियमों के अनुसार तय होती है। कुछ योजनाओं में नियमित अंतराल पर प्रमाण पत्र देना जरूरी हो सकता है। इसलिए यह मानकर न चलें कि हर पॉलिसी में प्रमाण पत्र सालाना या पांच साल में ही जमा करना होता है। सही तारीख जानने के लिए अपनी पॉलिसी के दस्तावेज देखें या एलआईसी से पुष्टि करें।
प्रमाण पत्र जमा करने के लिए सबसे पहले एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट licindia.in पर जाएं। वहां अपनी पॉलिसी और एन्युटी से जुड़ी सेवाओं के बारे में जानकारी लें। किसी ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि ऐप एलआईसी का आधिकारिक या अधिकृत माध्यम है। अनजान ऐप पर अपनी निजी या वित्तीय जानकारी साझा न करें।
एलआईसी की वेबसाइट पर उपलब्ध आधिकारिक Certificate of Existence फॉर्म डाउनलोड करें। इसमें पॉलिसी नंबर और एन्युटीधारक का नाम जैसी जरूरी जानकारी भरनी होती है। फॉर्म पर हस्ताक्षर करने और उसे सत्यापित कराने के लिए एलआईसी के निर्देशों का पालन करें। एलआईसी के फॉर्म के अनुसार, बैंक शाखा प्रबंधक, राजपत्रित अधिकारी, पंजीकृत चिकित्सक, पोस्टमास्टर या निर्धारित अन्य अधिकृत व्यक्ति इसका सत्यापन कर सकते हैं।
फॉर्म पूरा होने और सत्यापन के बाद इसे एलआईसी की संबंधित शाखा या निर्धारित आईपीपी सेल (IPP Cell) में जमा किया जा सकता है। एलआईसी के आधिकारिक निर्देशों में शाखा कार्यालय में प्रमाण पत्र जमा करने और उसकी पावती लेने की सुविधा का उल्लेख है। इसलिए दस्तावेज जमा करने के बाद पावती जरूर लें और उसे सुरक्षित रखें।
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