LPG Cylinder Gas Leakage Test: गैस सिलेंडर घर आया और आपने बिना देखे किचन में रख दिया? यही जल्दबाजी बाद में भारी पड़ सकती है। डिलीवरी लेते समय कुछ मिनट की जांच से आप वजन, सील और गैस लीकेज जैसी गड़बड़ियों का पता लगा सकते हैं। जानिए कैसे...
सिलेंडर की जांच का सबसे सीधा तरीका उसका वजन देखना है। घरेलू LPG सिलेंडर में गैस का वजन आमतौर पर 14.2 किलो होता है। इसके अलावा सिलेंडर का अपना खाली वजन (Tare Weight) भी उस पर लिखा होता है। डिलीवरी लेते समय सिलेंडर के वजन को चेक करें। कुल वजन में सिलेंडर का खाली वजन और उसमें मौजूद LPG का वजन शामिल होता है। अगर वजन में साफ तौर पर अंतर दिख रहा है तो बिना जांच किए डिलीवरी न लें। सिलेंडर पर लिखे वजन को जरूर देखें, क्योंकि हर सिलेंडर का खाली वजन एक जैसा नहीं होता है।
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सील और सिलेंडर की हालत जरूर देखें
सिलेंडर मिलने पर ऊपर लगी सील को ध्यान से चेक करें। सील टूटी हुई, ढीली या पहले से छेड़ी हुई दिखे तो तुरंत डिलीवरी एजेंट को बताएं। इसके साथ सिलेंडर के वॉल्व और बॉडी को भी देखें। सिलेंडर बहुत ज्यादा खराब, जंग लगा या किसी तरह से डैमेज दिखाई दे रहा है तो उसे लेने से पहले एजेंसी से बात करें। सिर्फ सील देखकर ये तय नहीं किया जा सकता कि सिलेंडर में गैस पूरी है, इसलिए वजन की जांच भी जरूरी है।
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स्टेम पर लिखा कोड पढ़कर एक्सपायरी डेट पहचानें
गैस की सही मात्रा के साथ सिलेंडर की मियाद जानना भी परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। सिलेंडर की ऊपर वाली रिंग की पट्टी पर A, B, C या D के साथ साल का नंबर लिखा होता है। यहां A का मतलब मार्च, B का जून, C का सितंबर और D का मतलब दिसंबर तिमाही होता है। अगर सिलेंडर पर A-26 लिखा है और महीना सितंबर का चल रहा है, तो समझ लीजिए इसकी टेस्टिंग की तारीख निकल चुकी है। ऐसे एक्सपायर्ड सिलेंडर को तुरंत लौटा दें।
अगर सिलेंडर से गैस की गंध आ रही है या वाल्व के आसपास शक है तो खुद से आग, माचिस या लाइटर लगाकर जांच करने की कोशिश बिल्कुल न करें। ये बेहद खतरनाक हो सकता है। लीकेज का शक होने पर सिलेंडर को इस्तेमाल न करें और डिलीवरी एजेंट या गैस एजेंसी को तुरंत बताएं। जरूरत पड़ने पर अधिकृत मैकेनिक से जांच कराएं। सिलेंडर को किसी बंद कमरे में रखकर टेस्ट करने के बजाय खुली और सुरक्षित जगह पर ही रखें और गैस की तेज गंध आने पर किसी भी तरह की चिंगारी से बचें।
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कम गैस मिलने पर तुरंत यहां करें सीधी शिकायत
अगर तौलने में गैस कम निकले या सील के साथ छेड़छाड़ मिले, तो डिलीवरी रसीद पर साइन बिल्कुल न करें। तुरंत पेट्रोलियम कंपनियों के केंद्रीय कस्टमर केयर नंबर 1800-2333-555 पर शिकायत दर्ज करवाएं। इसके अलावा इमरजेंसी लीकेज के लिए 1906 पर कॉल किया जा सकता है। इंडेन, भारत गैस या एचपी के आधिकारिक ऐप पर भी शिकायत का विकल्प मिलता है। तय नियमों के मुताबिक, ऐसी शिकायत पर एजेंसी की जांच होती है और तुरंत दूसरा भरा हुआ सिलेंडर दिया जाता है।
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