Youngest Billionaires: भारतीय दोस्तों ने तोड़ा जकरबर्ग का रिकॉर्ड, बने सबसे युवा अरबपति

Published : Dec 02, 2025, 05:44 PM IST
Youngest Billionaires: भारतीय दोस्तों ने तोड़ा जकरबर्ग का रिकॉर्ड, बने सबसे युवा अरबपति

सार

भारतीय मूल के आदर्श हिरेमठ और सूर्या मिड्ढा, दोस्त ब्रेंडन फूडी के साथ 23 की उम्र में सबसे युवा सेल्फ-मेड अरबपति बने। उनकी AI स्टार्टअप 'मरकोर' की वैल्यू $10 अरब है, जिससे प्रत्येक की संपत्ति $2 अरब से ज़्यादा हो गई है।

टेक की दुनिया में तेजी से हो रही तरक्की की एक नई मिसाल देखने को मिली है। भारतीय मूल के दो युवाओं समेत तीन दोस्तों ने दुनिया के सबसे कम उम्र के 'सेल्फ-मेड अरबपति' बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय-अमेरिकी दोस्त आदर्श हिरेमठ, सूर्या मिड्ढा और उनके दोस्त ब्रेंडन फूडी ने हासिल की है। सिर्फ 22 साल के इन युवा उद्यमियों ने 'मेटा' के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने 23 साल की उम्र में यह मुकाम हासिल किया था।

10 अरब डॉलर की कंपनी 'मरकोर'

ये तीनों दोस्त सैन फ्रांसिस्को की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिक्रूटिंग स्टार्टअप 'मरकोर' (Mercor) के संस्थापक हैं। AI के क्षेत्र में आई बड़ी उछाल ही मरकोर की तेज ग्रोथ की वजह है। 2023 में शुरू हुई इस कंपनी ने हाल ही में 'सीरीज सी फंडिंग राउंड' में 350 मिलियन डॉलर (करीब 2900 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इसके साथ ही, कंपनी की कुल वैल्यू बढ़कर 10 अरब डॉलर (करीब 83,000 करोड़ रुपये) हो गई है। कंपनी में तीनों संस्थापकों में से हर एक के पास करीब 22 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इस वैल्यूएशन के आधार पर, हर एक की निजी संपत्ति 2 अरब डॉलर (करीब 16,600 करोड़ रुपये) से ज़्यादा है।

पढ़ाई छोड़कर शुरू किया अपना काम

आदर्श, सूर्या और ब्रेंडन कैलिफोर्निया के सैन होजे में हाई स्कूल के दोस्त हैं। हाई स्कूल में पॉलिसी डिबेट टीम में एक साथ हिस्सा लेते हुए, उन्होंने देश के तीन बड़े डिबेट टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रचा था। उन्होंने अपनी हायर एजुकेशन के दौरान ही मरकोर की स्थापना की। आदर्श हिरेमठ ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। वहीं, सूर्या मिड्ढा और ब्रेंडन फूडी ने 'जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी' से पढ़ाई छोड़ दी। पीटर थिएल के मशहूर आंत्रप्रेन्योरशिप प्रोग्राम 'थिएल फेलोशिप' मिलने के बाद, उन्होंने अपना पूरा ध्यान मरकोर के काम पर लगा दिया।

भारत के साथ कनेक्शन

आदर्श हिरेमठ का परिवार कर्नाटक से है और सूर्या मिड्ढा का परिवार नई दिल्ली से है। भले ही वे भारतीय मूल के हैं, लेकिन उनकी कंपनी मरकोर का भी भारत से एक मजबूत रिश्ता है। शुरुआत में, 'मरकोर' ने एक ऐसे प्लेटफॉर्म के तौर पर काम शुरू किया था जो भारतीय फ्रीलांस कोडर्स को अमेरिकी कंपनियों से जोड़ता था। फिलहाल, कंपनी के पास इंजीनियर, वकील, डॉक्टर और बैंकर जैसे 30,000 से ज़्यादा कुशल कॉन्ट्रैक्टर्स का नेटवर्क है। 'मरकोर' इन एक्सपर्ट्स को 'OpenAI' और 'Anthropic' जैसी बड़ी AI लैब्स को उनके मॉडल ट्रेन करने के लिए मुहैया कराता है। भारतीय टैलेंट पर निर्भर कंपनी होने के नाते, मरकोर के भारत में प्रोडक्ट और इंजीनियरिंग टीमों सहित बड़े ऑपरेशनल डिपार्टमेंट्स हैं। कंपनी की सालाना कमाई इस वक्त 500 मिलियन डॉलर है। इस उपलब्धि के साथ, आदर्श हिरेमठ (चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर), सूर्या मिड्ढा (बोर्ड चेयरमैन), और ब्रेंडन फूडी (सीईओ) टेक की दुनिया में अगली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं।

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