
अनिल अंबानी को एक और झटका लगा है। कॅनरा बैंक ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के लोन अकाउंट को 'धोखाधड़ी' श्रेणी में डालने का नोटिस जारी किया है। बैंक के कर्ज के दुरुपयोग के चलते यह कार्रवाई की गई है। कंपनी को दिए गए 1,050 करोड़ रुपये के कर्ज के इस्तेमाल में गड़बड़ी की बात कंपनी ने खुद स्टॉक एक्सचेंजों को दी अपनी रिपोर्ट में स्वीकार की है।
इससे पहले, अनिल अंबानी की रिलायंस पावर और उसकी सहयोगी कंपनी रिलायंस एनयू बेस के खिलाफ सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने कार्रवाई की थी। फर्जी बैंक गारंटी देने के आरोप में रिलायंस पावर को तीन साल के लिए नीलामी में भाग लेने से रोक दिया गया था। अनिल अंबानी की कंपनियों पर फर्जी बैंक गारंटी के रूप में जाली दस्तावेज जमा करने का आरोप है। रिलायंस ने फर्स्ट रैंड बैंक की मनीला (फिलीपींस) शाखा द्वारा जारी बैंक गारंटी दी थी। जांच में पता चला कि फिलीपींस में बैंक की ऐसी कोई शाखा ही नहीं है, यह बात बैंक की भारतीय शाखा ने पुष्टि की। इसके आधार पर सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन को पता चला कि दी गई बैंक गारंटी फर्जी है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ने आरोप लगाया कि रिलायंस ने जानबूझकर ऐसा किया और धोखाधड़ी से टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करके कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना चाहता था।
वहीं, रिलायंस पावर ने कहा कि वह धोखाधड़ी और साजिश का शिकार है। इस मामले में 16 अक्टूबर 2024 को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में एक अन्य पक्ष के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके आधार पर 11 नवंबर 2024 को एफआईआर दर्ज की गई है। मामला जांच में है। कंपनी ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगी।
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