
Economic Survey 2024: 22 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त 2023-24 का आर्थिक सर्वे पेश किया। इसके मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी 6.5 से 7 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ेगी। इसके साथ ही सर्वे में ये बात भी सामने आई कि टमाटर और प्याज जैसी जरूरी चीजों के दामों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह आखिर क्या है।
खराब मौसम की वजह से फसलों के उत्पादन पर पड़ा असर
इकोनॉमतिक सर्वे में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023-2024 में खराब मौसम के चलते फसलों के उत्पादन पर सीधा असर पड़ा। फसलों पर बीमारी लगने और लॉजिस्टिक्स में दिक्कतों के चलते टमाटर के दामों में उछाल आया। इसी तरह प्याज की फसल तैयार होने के ठीक बाद तेज बारिश के चलते इसकी कीमतों में इजाफा हुआ। कृषि क्षेत्र को जलाशयों में पानी की कमी और खराब मौसम की वजह से फसल खराब होने के चलते कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके चलते फसलों के उत्पादन पर असर पड़ा और परिणामस्वरूप कीमतों में तेजी आई।
देशभर में 80 से 100 रुपए किलो बिक रहा टमाटर
बारिश के मौसम में सब्जियों कीमत आसमान छू रही हैं। खासकर टमाटर और प्याज के दाम तो आम आदमी की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। दिल्ली में कुछ हफ्ते पहले 20 से 30 रुपए किलो मिलने वाले टमाटर की कीमत 100 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं, पूरे देश में टमाटर के औसत भाव की बात करें तो ये 75-80 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।
आलू-प्याज के दाम भी नहीं हो रहे कम
वहीं, आम आदमी के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल में आने वाले आलू और प्याज के दाम भी उतरने का नाम नहीं ले रहे हैं। दिल्ली में प्याज की कीमत 40-50 रुपए प्रति किलो तक है। वहीं देशभर में औसत भाव 45 रुपए किलो हैं। इसी तरह, आलू भी 40 से 45 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। पूरे देश में आलू का औसत दाम 35 से 40 रुपए किलो तक है।
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