85000 Visa, भारतीयों पर क्यों इतना मेहरबान हुआ चीन?

Published : Apr 16, 2025, 05:59 PM ISTUpdated : Apr 16, 2025, 06:02 PM IST
modi jinping

सार

China visa relaxation: चीन ने भारतीयों के लिए वीज़ा नियमों में ढील दी है। अमेरिका से ट्रेड वॉर के बीच चीन अब भारत से संबंध सुधारने में जुटा है। क्या है इसके पीछे की असली वजह?

China Visa Relaxation for Indians: अमेरिका से चल रहे टैरिफ वॉर के बीच भारत को लेकर चीन के रवैये में काफी बदलाव आया है। भारत में चीनी दूतावास ने 1 जनवरी से 9 अप्रैल, 2025 के बीच भारतीय नागरिकों को 85,000 से ज्यादा Visa जारी किए हैं, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चीन के खुले, सुरक्षित और वाइब्रेंट माहौल का आनंद उठा सकें भारतीय

भारत में चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक पोस्ट के जरिये बताया कि साल 2025 में 9 अप्रैल तक भारत ने ज्यादा से ज्यादा भारतीयों को चीन आने का न्योता दिया है, ताकि वे एक खुले, सुरक्षित, वाइब्रेंट और मैत्रीपूर्ण माहौल में चीन का अनुभव कर सकें। बता दें कि चीनी सरकार ने भारत और चीन के बीच सुगम यात्रा की सुविधा के लिए कई छूट दी हैं।

1- कोई ऑनलाइन अपॉइंटमेंट नहीं

भारत के लोग अब पहले से किसी ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के बिना सामान्य वर्किंग डेज में सीधे वीज़ा केंद्रों पर अपने वीज़ा आवेदन जमा कर सकते हैं।

2- बायोमेट्रिक छूट

चीन में कम समय के लिए आने वाले यात्रियों को बायोमेट्रिक डेटा प्रदान करने से छूट दी गई है, जिससे प्रॉसेसिंग टाइम में कमी आएगी।

3- वीज़ा फीस

अब चीनी वीज़ा बहुत कम रेट पर मिलेगा, जिससे भारतीय विजिटर्स के लिए यात्रा पहले से कहीं ज्यादा किफायती हो जाएगी।

4- प्रॉसेसिंग टाइम में जल्दी

वीज़ा अप्रूवल टाइमलाइन पहले से कहीं ज्यादा व्यवस्थित हो गई है, जिससे इन्हें ज्यादा स्पीड के साथ जारी किया जा सकेगा।

5- टूरिज्म

चीन अपने यहां भारतीय पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय तौर पर चीजों को प्रमोट कर रहा है। इसके लिए वो अपने सांस्कृति के अलावा सीजनल अट्रैक्शंस, त्योहारों और टूरिज्म डेस्टिनेशंस को भी प्रमोट कर रहा है। 

ट्रेड और Tariff वॉर में कोई विजेता नहीं होता

चीनी दूतावास के प्रवक्ता यू जिंग ने भारत-चीन आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए कहा- चीन और भारत के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंध पारस्परिक लाभ पर आधारित हैं। टैरिफ के अमेरिकी दुरुपयोग का सामना करते हुए दो सबसे बड़े विकासशील देशों को सभी कठिनाइयों को दूर करने के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिए। यू जिंग ने कहा- ट्रेड और टैरिफ वॉर में कोई विजेता नहीं होता। सभी देशों को व्यापक परामर्श के सिद्धांतों को बनाए रखना चाहिए।

क्यों भारत पर इतना मेहरबान हुआ चीन

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर कुल 245% का टैरिफ लगा दिया है। दरअसल, चीन ने 11 अप्रैल को अमेरिकी सामान पर 125% टैरिफ लगाया था। इसके जवाब में ट्रम्प ने ड्रैगन पर भारी-भरकम टैरिफ थोप दिया है। इससे पहले चीन ने अपनी एयरलाइन कंपनियों को अमेरिकी विमान कंपनी बोइंग से नए विमानों को खरीदने से मना कर दिया था। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन भले ही कह रहा है कि टैरिफ से उसे फर्क नहीं पड़ता लेकिन अमेरिका से चल रहे ट्रेड वॉर के बीच वो पड़ोसी भारत के साथ अपने रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहा है।

PREV

व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News

Recommended Stories

8th Pay Commission Alert: 12 फरवरी को बड़ा टकराव, क्या और क्यों ठप हो जाएंगी सरकारी सेवाएं?
Silver Crash: एक दिन में 25% गिरी चांदी, अब बुक करें या होल्ड-निवेशकों के लिए क्या रहेगा बेस्ट?