
नई दिल्ली: 10 नवंबर, 2025 तक के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि नेट कलेक्शन 12.92 लाख करोड़ रुपये है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 12.08 लाख करोड़ रुपये था, जो 7.00 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए डायरेक्ट टैक्स का ग्रॉस कलेक्शन (रिफंड एडजस्ट करने से पहले) 15.35 लाख करोड़ रुपये है, जबकि पिछले साल इसी दौरान यह 15.03 लाख करोड़ रुपये था। यह 2.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में 10 नवंबर, 2025 तक 2.43 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 2.95 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी हुए थे। यह 17.72 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है। ग्रॉस कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 6.91 लाख करोड़ रुपये है, जबकि ग्रॉस नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन (जिसमें व्यक्तियों, HUF, फर्मों आदि द्वारा चुकाए गए टैक्स शामिल हैं) 8.08 लाख करोड़ रुपये है। सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) कलेक्शन 35,682 करोड़ रुपये और अन्य टैक्स के तहत कलेक्शन 335 करोड़ रुपये है।
रिफंड के एडजस्टमेंट के बाद, नेट कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 5.37 लाख करोड़ रुपये और नेट नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 7.19 लाख करोड़ रुपये है। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में यह लगातार बढ़ोतरी बेहतर टैक्स कम्प्लायंस, मजबूत कॉर्पोरेट कमाई और पर्सनल इनकम टैक्स पेमेंट में जारी तेजी को दिखाती है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन का संकेत है।
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