
Modi-Putin Meeting: शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) समिट का मंच एक बार फिर भारत और रूस के रिश्तों को नई दिशा देने जा रहा है। सोमवार को चीन के तिआनजिन (Tianjin) शहर में होने वाले इस मोस्ट अवेटेड शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आमने-सामने बैठेंगे। क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने शुक्रवार को जानकारी दी कि 1 सितंबर को SCO प्लस मीटिंग के तुरंत बाद राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच अहम द्विपक्षीय मुलाकात होगी। हालांकि मोदी और पुतिन के बीच लगातार फोन पर बातचीत होती रही है, लेकिन 2025 की यह पहली आमने-सामने मुलाकात होगी। ऐसे में दुनियाभर की नज़रें इस बैठक पर टिकी हैं।
यूरी उशाकोव ने बताया कि भारत-रूस के रिश्ते एक स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप से जुड़े हुए हैं। दिसंबर 2010 में दोनों देशों ने यह घोषणा की थी और अब इसके 15 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर तिआनजिन समिट रिश्तों के नए पड़ाव का संकेत दे सकता है।
इस मुलाकात में न सिर्फ SCO एजेंडा बल्कि राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। उशाकोव ने कहा कि इस साल दिसंबर में पुतिन भारत यात्रा करेंगे, जो दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, निवेश और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अहम करारों का रास्ता खोलेगी।
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