Paras Defence: बंटने के बाद भी 10% उछला ये डिफेंस शेयर, 6 महीने में दिया 85% रिटर्न

Published : Jul 04, 2025, 01:50 PM ISTUpdated : Jul 04, 2025, 01:51 PM IST
Paras defence stock rally

सार

Paras Defence Stock Split: पारस डिफेंस के शेयरों में 1:2 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट के बाद 10% की उछाल देखी गई। 4 जुलाई को रिकॉर्ड डेट के बाद शेयर 933.50 रुपये के अपर सर्किट पर पहुंच गया।

Paras Defence Share Price: पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी के शेयर में शुक्रवार को तूफानी तेजी देखने को मिली। दरअसल, कंपनी ने स्टॉक स्प्लिट के लिए 4 जुलाई की रिकॉर्ड डेट तय की थी। इसके तहत कंपनी के शेयरों का बंटवारा 1:2 के अनुपात में किया गया। यानी स्प्लिट के बाद अब कंपनी का हर एक शेयर दो में बंट चुका है। इसके बाद शेयर का नया रेट 4 जुलाई से एडजस्ट किया गया है।

स्टॉक स्प्लिट की वजह से 10% उछला पारस डिफेंस का शेयर

स्टॉक स्प्लिट होने के बाद शुक्रवार को पारस डिफेंस एंड टेक्नोलॉजी के शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी और एक समय शेयर 10% उछलकर अपर सर्किट लिमिट 933.50 रुपए पर पहुंच गया। गुरुवार 3 जुलाई को कंपनी का शेयर 1697.30 रुपये पर बंद हुए थे। वहीं, एडजस्टमेंट के बाद शुक्रवार को स्टॉक 855 रुपये पर ओपन हुआ और बाद में अपर सर्किट तक पहुंच गया। बता दें कि शेयर ने पिछले 6 महीने में निवेशकों को 85% तक रिटर्न दिया है।

2 महीने पहले कंपनी ने किया था स्टॉक स्प्लिट का ऐलान

कंपनी की ओर से 30 अप्रैल 2025 को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में बताया गया था कि वो अपने 10 रुपए की फेसवैल्यू वाले हर एक शेयर को 5 रुपए की फेसवैल्यू वाले दो शेयरों में बांटेगी। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 4 जुलाई फिक्स की गई थी। यानी जिन इन्वेस्टर्स के पास 3 जुलाई को बाजार बंद होने तक पारस डिफेंस के स्टॉक रहे होंगे, उन्हें इस स्प्लिट का फायदा मिलेगा। लेकिन 4 जुलाई को शेयर खरीदने वालों को इसका फायदा नहीं मिलेगा। फिलहाल पारस डिफेंस का मार्केट कैप 3,761 करोड़ रुपए है।

स्टॉक स्प्लिट करने का क्या फायदा?

ज्यादातर कंपनियां शेयरों को सस्ता बनाने के लिए उन्हें स्प्लिट करती हैं। जब किसी कंपनी के शेयर बहुत ज्यादा महंगे हो जाते हैं, तो छोटे निवेशक उन्हें खरीद नहीं पाते, जिससे वे इन स्टॉक से दूरी बनाने लगते हैं। ऐसे में कंपनियां छोटे निवेशकों को अपनी ओर खींचने के लिए शेयर को विभाजित करती हैं। इससे शेयरों की संख्या तो बढ़ती ही है, साथ ही निवेशकों के लिए ट्रेडिंग भी ईजी हो जाती है। इसके अलावा शेयर की कीमत घटने की वजह से बाजार में अचानक स्टॉक की डिमांड बढ़ जाती है। बता दें कि स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के मार्केट कैप पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सूचना के लिए है। शेयर बाजार में निवेश तमाम जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश से पहले किसी अच्छे एक्सपर्ट की राय जरूर लें)

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