
PM Modi Diwali Gift: 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली के लाल किले से लोगों को दिवाली सरप्राइज देने की बात कहते हुए GST रिफॉर्म्स स्कीम लाने की बात कही। उन्होंने कहा- इस दिवाली आप सबको एक बड़ा गिफ्ट मिलने वाला है। जीएसटी को लागू किए 8 साल हो चुके हैं और अब हम इसका रिव्यू करने जा रहे हैं। हम नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म्स लेकर आ रहे हैं, जिसमें आम लोगों के लिए टैक्स कम कर दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान कहा- हम GST में सुधार लाने जा रहे हैं, जिसके चलते सामान्य लोगों के लिए टैक्स कम किया जाएगा। इससे दैनिक जीवन में इस्तेमाल में आनेवाली कई चीजें सस्ती हो जाएंगी, जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार मिडिल-क्लास और लोअर इनकम ग्रुप को GST में कटौती कर राहत पहुंचाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि दिवाली से पहले सरकार या तो 12 प्रतिशत GST वाले स्लैब को पूरी तरह खत्म कर सकती है या फिर 12% टैक्स के दायरे में आने वाले सामानों को 5% वाले स्लैब में शिफ्ट कर सकती है। इसका सीधा फायदा आम जनता को होगा।
अभी रोजमर्रा इस्तेमाल होनेवाली जिन 30 से ज्यादा चीजों पर 12 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाता है, उनमें टूथ पाउडर, हेयर ऑयल, सैनेटरी नैपकिन, साबुन, टूथपेस्ट, सिलाई मशीन, छतरी, वॉटर फिल्टर और प्यूरीफायर, प्रेशर कुकर, एलुमीनियम और स्टील से बने बर्तन, इलेक्ट्रिक आयरन, वाटर हीटर, वैक्यूम क्लीनर, वॉशिंग मशीन, साइकिल, दिव्यांग लोगों के लिए गाड़ियां, पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्हीकल, रेडीमेड कपड़े, वैक्सीन, जूते, एचआईवी-हेपेटाइटिस-टीबी के लिए डायग्नोस्टिक किट, कुछ आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं, किताबें, ज्यॉमेट्री बॉक्स, मैप्स और ग्लोब्स, ड्राइंग और कलरिंग बुक्स, ग्लेज्ड टाइल्स, रेडी-मिक्स कंक्रीट, प्री-फैब्रिकेटेड बिल्डिंग्स, एग्रीकल्चर इक्विपमेंट्स, पैक्ड फूड्स और सोलर वॉटर हीटर्स शामिल हैं। अगर इन सामानों को 5% वाले जीएसटी स्लैब में लाया जाता है, तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
जीएसटी की शुरुआत 1 जुलाई, 2017 से हुई। तब से अब तक इसके सालाना कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।
वित्त वर्ष | कुल GST कलेक्शन (लाख करोड़ रुपए में) | एवरेज मंथली कलेक्शन (करोड़ रुपए में) |
| 2017-18 | ₹7.19 लाख करोड़ (जुलाई-मार्च) | ₹89,875 करोड़ |
| 2018-19 | ₹11.77 लाख करोड़ | ₹98,083 करोड़ |
| 2019-20 | ₹12.22 लाख करोड़ | ₹1.02 लाख करोड़ |
| 2020-21 | ₹11.36 लाख करोड़ | ₹94,667 करोड़ (कोविड का असर) |
| 2021-22 | ₹14.83 लाख करोड़ | ₹1.24 लाख करोड़ |
| 2022-23 | ₹18.10 लाख करोड़ | ₹1.51 लाख करोड़ |
| 2023-24 | ₹19.80 लाख करोड़ | ₹1.65 लाख करोड़ |
| 2024-25 | ₹22,08,861 करोड़ | ₹1.84 लाख करोड़ |
जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक तरह से अप्रत्यक्ष कर है, जिसे कई तरह के इनडायरेक्ट टैक्स जैसे VAT (वैल्यू एडेड टैक्स), सर्विस टैक्स, परचेज टैक्स, एक्साइज ड्यूटी को रिप्लेस करके लागू किया गया। जीएसटी को चार हिस्सों में बांटा गया है। इसमें CGST, SGST, IGST और उपकर शामिल हैं। सीजीएसटी को केंद्र सरकार, जबकि एसजीएसटी को राज्य सरकारें कलेक्ट करती हैं। वहीं, आईजीएसटी अंतरराज्यीय लेनदेन और आयात पर लागू होता है, जो केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बांटा जाता है। इसके अलावा उपकर एक खास उद्देश्य के लिए धन जुटाने के लिए लग्जरी आइटम्स और तंबाकू जैसे उत्पादों पर वसूला जाने वाला अतिरिक्त शुल्क है।
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