अब बेफिक्र होकर घूमें दुनिया...रहना-खाना फ्री, बस करना है ये काम

Published : Sep 18, 2024, 02:29 PM IST
Traveller

सार

विदेश घूमने का सबसे ज्यादा खर्चा ट्रैवलिंग, होटल में रहने और खाने का होता है। हालांकि, एक ऐसा तरीका है, जिससे दुनिया के किसी भी देश में जाकर मुफ्त में रहने और खाने के अलावा घूम सकते हैं।

बिजनेस डेस्क : क्या आपका दिल भी गहरे नीले समुंदर, खूबसूरत पहाड़, बड़े-बड़े शहर, दुनिया के सभी देश घूमने का कहता है? क्या आप भी सिर्फ और सिर्फ सैर करना चाहते हैं? आप सोच रहे होंगे कि भला ये भी कोई पूछने वाली बात है लेकिन इतना पैसा कहां से आएगा? दरअसल, विदेश घूमने में सबसे ज्यादा पैसा फ्लाइट, होटल और खाने में खर्च होता है लेकिन आज हम आपको एक ऐसा तरीका और स्किल बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप पूरी दुनिया फ्री में घूम सकते हैं। रहने-खाने और आने-जाने की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।

फ्री में दुनिया घूमने की स्किल

बिना एक भी पैसा खर्च किए अगर आप पूरी दुनिया घूमना चाहते हैं तो आपको वॉलंटियर ट्रैवलर (Volunteer Traveller) बनना होगा। जिन्हें कई हॉस्टर, गेस्ट हाउस और होटल में फ्री में रहने और खाने का मौका दिया जाता है। वर्ल्ड पैकर्स, वर्कअवे और हेल्प एक्स जैसी वेबसाइट होस्ट यानी होटल के ओनर और वॉलंटियर ट्रैवलर की तर्ज पर काम करती हैं। इसमें वर्क वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है। ट्रैवलर बनकर सिर्फ कुछ दिन उस देश में घूमना होता है।

जरा सा काम, आराम ही आराम

कुछ हॉस्टल और गेस्ट हाउस एकोमोडेशन के साथ कुछ घंटे काम भी करवाते हैं। इसके बदले घंटे के हिसाब से पैसे भी देते हैं। इससे ट्रैवलर काम करके पैसे कमाने के बाद जो समय बचे, उसमें उस देश को घूम सकते हैं। कई बैकपैकर और ट्रैवल इन्फ्लूएंसर इसी तरह की ट्रिक्स आजमा रहे हैं। एक वॉलंटियर हफ्ते में 32 घंटे से ज्यादा काम कर सकता है। इसके लिए उम्र 18 साल होनी चाहिए। वॉलंटियर अपनी पसंद का काम चुन सकते हैं। इनमें कंटेंट राइटिंग, हाउसकीपिंग, क्लीनिंग, गार्डेनिंग, एनिमल केयर, वीडियो मेकिंग, सोशल मीडिया हैंडलिंग, रिसेप्शन, एडमिनिस्ट्रेशन, सोशल वर्क, प्लंबर, कारपेंटर, खेती, पेंटिंग, कूकिंग, टीचिंग, डेकोरेशन, इंग्लिश स्पीकिंग और स्पोर्ट्स ट्रेनर जैसे कई काम शामिल हैं।

वॉलंटियर ट्रैवलर कैसे बनते हैं

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वर्क एक्सचेंज ट्रैवल के तहत कई वेबसाइट्स में इसके लिए रजिस्टर करना पड़ता है। अपने स्किल्स और उस देश में रहने का टाइम पीरियड पासपोर्ट डिटेल्स के साथ लिखना होता है। इससे जब भी आप उस देश जाते हैं तो हॉस्टल या गेस्टहाउस के होस्ट आपको वॉलंटियर के तौर पर काम करने का मौका देते हैं। इसके लिए किसी एक्सपीरिएंस की जरूरत नहीं है। चूंकि विदेशों में लेबर काफी महंगी है। ऐसे में कई देश ट्रैवलर्स को वॉलंटियर बनने की अपॉर्च्युनिटी देते हैं।

अप्लाई करने से पहले ध्यान दें

वॉलिंटियर ट्रैवलर का काम एक हफ्ते में कुछ घंटों का ही होता है, इसलिए जब भी इसके लिए अप्लाई करें, तब काम के घंटों की जानकारी जरूर लें। यह भी साफ कर दें कि आप दिनभर काम नहीं करेंगे। हफ्ते में 1-2 दिन तक काम करना ठीक होता है, ताकि बाकी समय आप घूम सके। अप्लाई करते समय दिन में कितने टाइम खाना फ्री है, रूम सिंगल है या शेयरिंग, इसकी भी जानकारी लें। हॉस्टल, होटल या गेस्ट हाउस में लॉन्ड्री, फ्री वाईफाई, फ्री पिकअप-ड्रॉप जैसी सुविधाओं की जानकारी भी जरूर लें।

वॉलिंटियर ट्रैवलर बनने के फायदे

  • किसी देश में घूमकर वहां के बारें में जानकारी ले सकते हैं।
  • पर्सनैलिटी डेवलप होती है।
  • नए देश में घूमने के अलावा, वहां के लोकल से भी कनेक्ट होते हैं, उनके कल्चर को समझते हैं।
  • नई-नई भाषा सीखने का मौका मिलता है।

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