
Nifty 50 Index Changes 2026: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए सितंबर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। एनएसई इंडाइसेज (NSE Indices) ने अपने प्रमुख इंडेक्स की छमाही समीक्षा के बाद कई कंपनियों की एंट्री और एग्जिट का ऐलान किया है। सबसे ज्यादा नजर निफ्टी-50 पर है, जहां बीएसई लिमिटेड (BSE Ltd) की एंट्री होने जा रही है, जबकि दिग्गज IT कंपनी विप्रो (Wipro) को बाहर किया जाएगा। यह बदलाव 29 सितंबर 2026 को कारोबार खत्म होने के बाद लागू होगा। यानी 30 सितंबर 2026 से बीएसई निफ्टी-50 (BSE Nifty 50) में शामिल होगी और विप्रो इस इंडेक्स का हिस्सा नहीं रहेगा। आइए जानते हैं शेयर बाजार में क्या-क्या बदलने वाला है और आपके पोर्टफोलियो पर इसका क्या असर होगा...
निफ्टी-50 देश के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शेयर इंडेक्स में से एक है। इसमें शामिल किसी कंपनी के शेयर में बदलाव का असर सिर्फ उस कंपनी तक सीमित नहीं रहता है। अब इस इंडेक्स में BSE Ltd की एंट्री होने वाली है। BSE को निफ्टी-50 में विप्रो की जगह शामिल किया जाएगा। यह बदलाव NSE Indices की नियमित छमाही समीक्षा का हिस्सा है। इसलिए इसे किसी एक दिन के बाजार उतार-चढ़ाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
निफ्टी-50 से बाहर होने के बाद विप्रो को Nifty Next 50 में जगह मिलेगी। इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी शेयर बाजार से बाहर हो रही है। सिर्फ उस इंडेक्स की कैटेगरी बदलेगी जिसमें कंपनी शामिल है।
सिर्फ टॉप 50 ही नहीं, बल्कि निफ्टी 100 और निफ्टी नेक्स्ट 50 (Nifty Next 50) में भी 5-5 शेयरों की बड़ी अदला-बदली हुई है। इंडियन होटल्स, लोढ़ा डेवलपर्स, REC, श्री सीमेंट और यूनाइटेड स्पिरिट्स इससे बाहर हो जाएंगे, जबकि वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea), वेदांता एल्युमीनियम मेटल, पॉलीकैब इंडिया, हिताची एनर्जी इंडिया और BSE की एंट्री होगी। इस बात का ध्यान रखें कि निफ्टी 100 इक्वल वेट इंडेक्स में भी हूबहू यही बदलाव लागू होंगे।
अगर आप छोटे या मिड-कैप शेयरों में पैसा लगाते हैं, तो बता दें कि निफ्टी 500 (Nifty 500) इंडेक्स में सबसे बड़ा फेरबदल हुआ है। यहां एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 27 शेयर बाहर किए गए हैं और उनकी जगह 27 नए शेयरों ने ली है। नई एंट्री मारने वाले शेयरों में कई पॉपुलर नाम शामिल हैं, जैसे
जब कोई शेयर निफ्टी 50 या किसी बड़े इंडेक्स में शामिल होता है, तो बड़े-बड़े इंडेक्स फंड (Index Funds) और ईटीएफ (ETF) को मजबूरी में उस शेयर को भारी मात्रा में खरीदना पड़ता है। इसी तरह जो शेयर बाहर होता है, उसे उन्हें बेचना पड़ता है। जिसकी वजह से 30 सितंबर के आस-पास इन अंदर-बाहर होने वाले शेयरों में बहुत ज्यादा हलचल (Trading Volume) और लिक्विडिटी देखने को मिल सकती है। शेयरों के भाव तेजी से ऊपर-नीचे हो सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में इंडेक्स के बदलावों और शेयरों से जुड़ी जो भी जानकारी दी गई है, वह सिर्फ सामान्य जानकारी (Educational/Informational purpose) के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह (Investment Advice) नहीं है। शेयर बाजार (Share Market) में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले कृपया अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।
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