
नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार सुबह 11 बजे लोकसभा में आम बजट 2020-21 पेश किया। अपने बजटीय भाषण में सीतारमण ने शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार काम कर रही है, दुनिया के छात्रों को भारत में पढ़ने के लिए सुविधाएं दी जाएंगी। भारत के छात्रों को भी एशिया, अफ्रीका के देशों में भेजा जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। 6 बिंदुओं में जानते हैं एजुकेशन सेक्टर के लिए वित्त मंत्री के पिटारे से क्या-क्या निकला।
1- जल्द घोषित होगी शिक्षा नीति :
2030 तक भारत में सबसे बड़ी वर्किंग ऐज पॉपुलेशन होगा। हमें ज्यादा नौकरियों की जरूरत होगी। 2 लाख सुझाव हमारे पास आए हैं। जल्द ही नई शिक्षा नीति घोषित होगी। प्रतिभाशाली शिक्षकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
2- नए इंजीनियरों को दी जाएगी इंटर्नशिप :
150 संस्थान डिग्री-डिप्लोमा कोर्स शुरू करेंगे। सरकार एक प्रोग्राम शुरू करेगी, जिसमें शहरी निकाय नए इंजीनियरों को एक साल के लिए इंटर्नशिप देगी ताकि इंटर्न भी सीख सकें और शहरी निकायों को भी कामकाज में मदद मिल सके।
3- ऑनलाइन एजुकेशन प्रोग्राम को देंगे बढ़ावा :
हाशिए पर मौजूद तबके के बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। भारत हायर एजुकेशन का भी पसंदीदा देश है। स्टडी इन इंडिया प्रोग्राम को एशियाई और अफ्रीकी देशों में बढ़ावा दिया जाएगा। नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी, नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। वहीं शीर्ष 100 संस्थान पूरी तरह से ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम शुरू करें, इसकी भी योजना तैयार हो रही है।
4- जिला अस्पतालों के साथ मेडिकल कॉलेज भी खुलेंगे :
डॉक्टरों की देश में कमी है। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए जिला अस्पतालों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। इसके लिए किफायती दरों पर जमीन मुहैया कराई जाएगी। योजना की विस्तृत रूपरेखा जल्द तय की जाएगी।
5- एजुकेशन सेक्टर पर 99,300 करोड़ खर्च करेंगे :
देश में टीचरों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की भी जरूरत है। स्किल सेट कई बार मैच नहीं हो पाता। स्वास्थ्य मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय के जरिए ब्रिज कोर्स शुरू किया जाएगा। 99,300 करोड़ रुपए एजुकेशन सेक्टर पर खर्च होंगे। इसके साथ ही कौशल विकास के लिए 3,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
6- शिक्षा क्षेत्र में एफडीआई के लिए कदम उठाएंगे :
वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बाह्य वाणिज्यिक उधारी और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति पर आगे बढ़ रही है। भारत आज दुनिया में बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं की अगुवाई क रहा है। 2014 से 2019 के बीच मोदी सरकार की नीतियों की वजह से 284 बिलियन डॉलर की FDI आई, जिसने कारोबार को बढ़ाया। टूरिज्म को लेकर वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि पांच पुरातात्विक जगहों पर म्यूजियम बनेंगें। जिसमें हस्तिनापुर, शिवसागर, डोलावीरा, आदिचेल्लनूर, राखीगढी शामिल हैं। इसके अलावा रांची में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा। वित्त मंत्री ने कहा, लोथल में मारीटाइम म्यूजियम बनेगा। लोथल का जिक्र हड़प्पा सभ्यता में एक पोर्ट के रूप में है। बजट 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टूरिज्म बढ़ाने के लिए 2500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
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