NSE IPO GMP Today: एनएसई आईपीओ की आज 21 सितंबर को बोली बंद हो रही है। आखिरी दिन सुबह GMP ₹48 पर रहा, जो ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 2.69% प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि, IPO खुलने के बाद GMP ₹160 तक पहुंचा था।
NSE IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम में सब्सक्रिप्शन के दौरान लगातार गिरावट देखने को मिली है। इश्यू खुलने से पहले GMP ₹160 तक पहुंच गया था। 17 सितंबर को सब्सक्रिप्शन शुरू होने के दिन ये घटकर ₹142 रह गया। इसके बाद प्रीमियम में और कमी आई और आखिरी दिन यानी 21 सितंबर की सुबह 7:30 बजे तक GMP ₹48 दर्ज किया गया। यानी कुछ ही दिनों में इसमें ₹112 की गिरावट आई है।
26
NSE IPO: कितनी संभावित लिस्टिंग?
NSE IPO का अपर प्राइस बैंड ₹1,785 प्रति शेयर है। ₹48 के मौजूदा GMP को आधार मानें तो अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹1,833 बनती है। इस हिसाब से इश्यू प्राइस के मुकाबले संभावित लिस्टिंग प्रीमियम करीब 2.69% बैठता है। हालांकि, GMP ग्रे मार्केट का अनऑफिशियल इंडिकेटर है और इससे NSE शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत तय नहीं होती है।
36
आखिरी दिन NSE IPO कितना सब्सक्राइब हुआ?
21 सितंबर को सुबह 9 बजे तक NSE IPO कुल 1.16 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इसमें QIBs (Qualified Institutional Buyers) की हिस्सेदारी 1.53 गुना सब्सक्राइब हुई। NIIs (Non-Institutional Investors) का हिस्सा 1.68 गुना बुक हुआ, जबकि रिटेल निवेशकों का कोटा अभी 0.72 गुना ही सब्सक्राइब हुआ था। यानी उस समय तक रिटेल कैटेगरी पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हुई थी।
NSE IPO के शेयर अलॉटमेंट का स्टेटस 22 सितंबर को फाइनल किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद शेयरों की BSE पर लिस्टिंग होगी। इसके लिए 24 सितंबर की टेंटेटिव लिस्टिंग डेट तय की गई है। यानी 21 सितंबर को बोली बंद होने के बाद निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर रहेगी और उसके बाद लिस्टिंग का नंबर आएगा।
56
NSE IPO की डिटेल्स
NSE IPO पूरी तरह OFS (Offer for Sale) है। इसके तहत 12.64 करोड़ शेयर ऑफर किए गए हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹22,561.57 करोड़ है। IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम बोली 8 शेयरों की है। अपर प्राइस बैंड पर 8 शेयरों के लिए ₹14,280 का निवेश करना होगा। कर्मचारियों के लिए अधिकतम 4,33,437 शेयरों का रिजर्वेशन है, जिन पर इश्यू प्राइस से ₹170 प्रति शेयर की छूट दी गई है। इस इश्यू से NSE को कोई नई रकम नहीं मिलेगी, क्योंकि ये 100% OFS है। IPO से मिलने वाली पूरी रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगी।
66
NSE की शुरुआत कब हुई?
NSE की स्थापना 1992 में हुई थी। 30 जून तक एक्सचेंज पर 261.36 मिलियन से ज्यादा रजिस्टर्ड इन्वेस्ट अकाउंट्स और 129 मिलियन यूनिक इन्वेस्टर्स थे। इसके अलावा 1,328 ट्रेडिंग मेंबर्स और 3,005 लिस्टेड कंपनीज थीं। उस समय कुल लिस्टेड मार्केट कैपेटलाइजेशन करीब ₹474.08 ट्रिलियन थी।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार और आईपीओ (IPO) में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अनौपचारिक और गैर-विनियमित होता है, जो बाजार की धारणा के आधार पर बदलता रहता है, ये किसी भी शेयर के वास्तविक लिस्टिंग मूल्य की गारंटी नहीं देता है। यहां दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी आईपीओ या शेयर में निवेश से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।