
Kitchen Budget News: रसोई का बजट पिछले कुछ महीनों से लगातार दबाव में है। उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, प्याज, चीनी और खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर असर डाला है। खासकर प्याज की कीमत में एक महीने के भीतर 41 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। हालांकि महंगाई के बीच कुछ राहत की खबर भी है। टमाटर, आलू, रोटी, सूजी और चाय जैसी कई रोजमर्रा की चीजों के दाम में कमी देखने को मिली है।
उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, एक साल पहले प्याज की औसत खुदरा कीमत 27.80 रुपये प्रति किलो थी, जो बढ़कर 50.19 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यानी सालाना आधार पर प्याज की कीमत में करीब 80.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
चीनी की कीमत भी तेजी से बढ़ी है। एक साल पहले 46.32 रुपये प्रति किलो मिलने वाली चीनी अब करीब 60.80 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। इस तरह इसमें लगभग 31.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुड़ की कीमत भी 55.95 रुपये से बढ़कर 67 रुपये प्रति किलो हो गई, यानी करीब 19.7 प्रतिशत की तेजी।
खाने के तेलों की कीमतों में भी सालाना आधार पर बढ़ोतरी देखने को मिली है। सूरजमुखी तेल 161.10 रुपये से बढ़कर 192.48 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। वहीं पाम ऑयल, सोया तेल, मूंगफली तेल और सरसों तेल की कीमतों में भी इजाफा दर्ज किया गया। सरसों तेल की औसत कीमत 188.39 रुपये से बढ़कर करीब 199.89 रुपये प्रति किलो हो गई है। तेल और जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर घरेलू बजट को प्रभावित कर रही है।
महंगाई के बीच सब्जियों के मोर्चे पर कुछ राहत मिली है। टमाटर की औसत कीमत 45.86 रुपये से घटकर 37.64 रुपये प्रति किलो रह गई है। यानी सालाना आधार पर इसमें करीब 17.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। आलू की कीमत भी 24.56 रुपये से घटकर 22.02 रुपये प्रति किलो हो गई, जो लगभग 10.3 प्रतिशत की कमी है। केले की कीमत में भी मामूली नरमी देखने को मिली। इसके अलावा सालाना आधार पर चाय, सूजी, रोटी और जीरा जैसी कुछ रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम में भी राहत दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा चिंता कम समय में प्याज की कीमत में आई तेजी को लेकर है। 6 अगस्त को प्याज की कीमत 35.57 रुपये प्रति किलो थी, जो 6 सितंबर तक बढ़कर 50.19 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यानी सिर्फ एक महीने में प्याज करीब 41.1 प्रतिशत महंगा हो गया। इसी अवधि में चीनी की कीमत 50.14 रुपये से बढ़कर 60.80 रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जिसमें करीब 21.3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। गुड़ भी एक महीने में लगभग 11.4 प्रतिशत महंगा हुआ।
हालांकि पिछले एक महीने के दौरान कई खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी भी आई है। रोटी की कीमत करीब 6.2 प्रतिशत घटी, जबकि सूजी में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। टमाटर और चाय के दाम में भी करीब 3 प्रतिशत की कमी आई। मसूर दाल और मैदा लगभग 2 प्रतिशत से ज्यादा सस्ते हुए हैं।
दालों की कीमतों में सालाना आधार पर उड़द और अरहर में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। उड़द दाल की कीमत 113.32 रुपये से बढ़कर 122.10 रुपये प्रति किलो पहुंच गई, जबकि अरहर दाल 114.83 रुपये से बढ़कर 122.14 रुपये प्रति किलो हो गई। इसके विपरीत मसूर दाल की कीमत लगभग स्थिर रही और चना दाल में सालाना बदलाव बेहद मामूली दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, प्याज, चीनी और खाद्य तेलों की महंगाई ने रसोई का बजट बढ़ाया है, लेकिन टमाटर, आलू और कुछ अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं के सस्ते होने से उपभोक्ताओं को आंशिक राहत जरूर मिली है।
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