
बिजनेस डेस्क। देश के करीब 8 करोड़ से ज्यादा छोटे व्यापारी 26 फरवरी को हड़ताल कर रहे हैं। वे 26 फरवरी को बुलाए गए भारत बंद में शामिल होंगे। छोटे व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने जीएसटी (GST) की समीक्षा की मांग को लेकर यह बंद बुलाया है। इसी दिन ट्रांसपोर्टर्स के संगठन ने भी चक्का जाम हड़ताल का ऐलान किया है। व्यापारियों के संगठन का कहना है जीएसटी के नियमों की समीक्षा कर उसे आसान बनाया जाए। बता दें कि देश के करीब 40 हजार से ज्यादा व्यापारी इस संगठन से जुड़े हैं।
व्यापारी देंगे धरना
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के मुताबिक, बंद के दिन देशभर के व्यापारी 1500 से भी ज्यादा जगहों पर धरना देंगे। व्यापारी जिले में संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देंगे। व्यापारियों के संगठन का कहना है कि इस दौरान देशभर के बाजार बंद रहेंगे और व्यापारी धरना-प्रदर्शनों में शामिल होंगे।
क्या है मांग
व्यापारियों की मुख्य मांग जीएसटी के नियमों में संशोधन की है। कैट (CAIT) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि पिछले 4 साल में जीएसटी में 950 से ज्यादा संशोधन हो चुके हैं, लेकिन यह व्यापारियों के लिए सुविधाजनक नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा, जीएसटी के कड़े प्रावधानों को नहीं बदला जा रहा है। उनका कहना था जीएसटी प्रणाली की समीक्षा कर उसे ऐसा बनाने की जरूरत है कि व्यापारी उनका पालन कर सकें। प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि उनकी जीएसटी काउंसिल से मांग है कि वे इसके कड़े प्रावधानों को खत्म कर दे। जीएसटी की दरों में सुधार की जरूरत पर उन्होंने जोर दिया।
ट्रांसपोर्टर्स का चक्का जाम
बता दें कि व्यापारियों के भारत बंद का ट्रांसपोर्टरों ने भी समर्थन किया है और 26 फरवरी को वे भी चक्का जाम हड़ताल करेंगे। अखिल भारतीय ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) का कहना है ईंधन की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने की वे लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। इसीलिए भारत बंद के दिन वे भी चक्का जाम हड़ताल पर रहेंगे।
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News