PB Fintech Share: 36% की तबाही के बाद आया उछाल, अब खरीदें या बेचकर निकलें?

Published : Sep 25, 2026, 10:24 AM IST

PB Fintech Share Price Target: पीबी फिनटेक शेयरों में 36% की भयंकर गिरावट के बाद शुक्रवार को हल्की रिकवरी दिखी। शेयर 4% तक संभला जरूर, लेकिन IRDAI के नए प्रस्तावों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इधर ब्रोकरेज हाउसेस ने भी टारगेट प्राइस घटा दिए हैं।

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पीबी फिनटेक शेयर में 36% गिरावट के बाद आया बाउंस

PB Fintech के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली थी। एक ही कारोबारी दिन में स्टॉक करीब 36% टूट गया। इस गिरावट ने कंपनी के मार्केट कैप से हजारों करोड़ रुपए कम कर दिए। इसके बाद शुक्रवार को शेयर ने कुछ रिकवरी दिखाई। कारोबार की शुरुआत करीब 3.91% की बढ़त के साथ ₹1,160 के आसपास हुई। दिन के दौरान शेयर करीब 4.2% चढ़कर ₹1,261 तक भी पहुंचा। हालांकि, तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई और शेयर में फिर उतार-चढ़ाव शुरू हो गया।

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IRDAI के नए नियमों ने क्यों बढ़ाई PB Fintech की चिंता?

पूरे मामले की शुरुआत IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) के प्रस्तावित नए नियमों से हुई है। रेगुलेटर ने इंश्योरेंस कंपनियों के खर्च और डिस्ट्रिब्यूशन से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इसमें कंपनी के EoM (Expenses of Management) पर एक तय लिमिट लाने की बात है। प्रस्ताव में इसे लागू करने के लिए करीब पांच साल का समय देने की बात भी रखी गई है। इसके साथ कॉस्ट ऑडिट और खर्च से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने जैसे कदम भी प्रस्तावित हैं। सबसे अहम बात डिस्ट्रिब्यूटर कमीशन और रिवॉर्ड्स को लेकर है। अगर नए नियम लागू होते हैं, तो इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन से जुड़े कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि पीबी फिनटेक जैसी कंपनियों को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी है।

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Policybazaar की कमाई पर क्या असर पड़ सकता है?

PB Fintech का पॉलिसीबाजार प्लेटफॉर्म इंश्योरेंस बेचने और ग्राहकों को अलग-अलग इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की तुलना करने में अहम रोल निभाता है। अगर कमिशन पर लिमिट आती है, तो डिस्ट्रिब्यूशन से मिलने वाली कमाई पर दबाव पड़ सकता है। खासकर हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस जैसे सेगमेंट पर बाजार की नजर है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के मुताबिक, अगर नए बिजनेस कमीशन रेट्स में 10% की कटौती होती है, तो पीबी फिनटेक की कमाई में करीब 10-12% तक कमी आ सकती है। ब्रोकरेज ने ये भी कहा है कि अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो नॉन-लाइफ इंश्योरेंस से जुड़े कारोबार की इकोनॉमिक्स पर बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि, ये ध्यान रखना जरूरी है कि अभी ये नियम प्रस्ताव के स्तर पर हैं। फाइनल नियम आने के बाद तस्वीर बदल सकती है।

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PB Fintech Share Target Price

IRDAI के प्रस्ताव के बाद कई बड़े ब्रोकरेज हाउस ने पीबी फिनटेक के टारगेट प्राइस को कम किया है। HSBC ने सबसे बड़ी कटौती की है। उसने पीबी फिनटेक का टारगेट ₹2,100 से घटाकर ₹1,150 कर दिया है। साथ ही रेटिंग को Buy से बदलकर होल्ड कर दिया। वहीं, जेफरीज ने बाय रेटिंग (Buy Rating) जारी रखी है, लेकिन टारगेट ₹2,050 से घटाकर ₹1,540 कर दिया।

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PB Fintech Share पर बाकी ब्रोकरेज की राय क्या है?

Morgan Stanley के मुताबिक, प्रस्तावित नियमों के तहत पीबी फिनटेक के हेल्थ बिजनेस का NPV करीब 60-70% तक घट सकता है। वहीं, लाइफ इंश्योरेंस बिजनेस पर असर तुलनात्मक रूप से कम रहने की बात कही गई है। ब्रोकरेज ने पीबी फिनटेक के नए बिजनेस एरिया पर भी नजर रखी है। कंपनी मैन्यूफैक्चरिंग, री-इंश्योरेंस ब्रोकिंग और नए प्रोडक्ट्स जैसे विकल्पों पर काम कर रही है। दूसरी तरफ मोतीलाल ओसवाल ने इसपर न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1,150 का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि प्रस्तावित बदलावों से FY28 में कंपनी के कोर ऑनलाइ इंश्योरेंस रेवेन्यू पर करीब 30% तक असर पड़ सकता है। हालांकि, अगर कंपनी कर्मचारी और एडवरटाइडिंग कॉस्ट्स में कटौती करती है तो कमाई पर पड़ने वाले असर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। इसे किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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