बूढ़ी महिला से लेकर 'श्रवण' कुमार तक का काम देख पिघला यह बिजनेसमैन, पढ़ें इनकी दानवीर वाली कहानी

Published : Oct 26, 2019, 06:55 PM ISTUpdated : Jul 12, 2020, 06:28 PM IST
बूढ़ी महिला से लेकर 'श्रवण' कुमार तक का काम देख पिघला यह बिजनेसमैन, पढ़ें इनकी दानवीर वाली कहानी

सार

आनंद महिंद्रा देश के सफलतम कारोबारी हैं। वे बिजनेस के साथ साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। गैर सरकारी संस्थानों के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी सक्रियता से अपनी बात रखते हैं। बीते दिनों में उन्होने जरुरतमंदों के लिए जो कदम उठाए उनकी देशभर में जमकर तारीफ भी की गयी। फोर्ब्स इंडिया ने 2019 में जारी अमीरों की लिस्ट में इनकी कुल संपत्ति 1.5 बिलियन डॉलर की बताई है।

मुंबई. महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के चेयरमैन आनंद महिंद्रा अपने अच्छे काम की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने दक्षिण भारत के डी कुमार को Mahindra KUV 100 NXT कार देने की इच्छा जताई। जो अपनी 70 वर्षीय बूढ़ी मां को 20 साल पूरानी स्कूटर से भारत भ्रमण करा रहा है। ये पहला अवसर नही जब आनंद महिंद्रा के काम की तारीफ की जा रही है, इससे पहले भी कई बार वे जरुरतमंदो के लिए हाथ बढ़ाते रहे हैं। 2017 फोर्ब्स एशिया ने फिलोंथ्रोपी के हीरोज नाम की लिस्ट जारी कर उन्हे एशिया के 14 देशों के 40 लोगों की लिस्ट में भी शामिल किया था। बता दें कि देश की मशहूर मैगजीन ने आनंद महिंद्रा को देश के टॉप 50 शक्तिशाली शख्सियतों की लिस्ट में 5वें स्थान पर रखा। फोर्ब्स इंडिया ने 2019 में जारी अमीरों की लिस्ट में इनकी कुल संपत्ति 1.5 बिलियन डॉलर की बताई है।
  
 तमिलनाडु में बूढ़ी महिला को LPG गैस कनेक्शन देने का ऐलान

तमिलनाडु में 80 वर्ष की बूढ़ी कमलाथल जो पिछले 35 सालों से मात्र एक रुपए में इडली और सांभर बेंच रही हैं, उनको LPG गैस कनेक्शन देने का ऐलान किया था। आनंद ने ये बात ट्वीटर पर शेयर किया तो स्टोरी वायरल हो गयी। देशभर में इस बात की तारीफ भी जमकर हुई। उन्होने ट्विटर पर कोयंबटूर के भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. को सूचित किया कि जल्द कमलाथल को गैस कनेक्शन दिया जाए। केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस स्टोरी को रीट्विट कर अपने पेज पर शेयर किया था। स्थानीय अधिकारीयों का LPG गैस कनेक्शन देते हुए फोटो भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. ने अपने आधिकारिक पेज पर शेयर किया।

 NGO में चैरिटी के बोर्ड ऑफ मेंबर

 नांदी फाउंडेशन से वर्तमान में बच्चों की शिक्षा, खेती के विकास, युवाओं के लिए मदद करने के अलावा सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए जमीन पर काम कर रही है। 2013 में के अंजी के देहांत के बाद आनंद ने उस जिम्मेदारी को अपनाया। ये फाउंडेशन आंध्र प्रदेश के अराकू वैली में रहने वाले आदिवासीयों के लिए काम करती है। इसके अलावा कई अन्य गैर सरकारी संस्थानों को मदद करते रहते हैं।

ट्विटर पर सक्रिय

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रहने वाले आनंद, युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप और लघु उद्यमीयों के लिए सुगम अवसर देते रहते हैं। उनकी कंपनी महिंद्रा रूरल हाउसिंग फाइनेंस कंपनी कम आमदनी वाले परिवारों को सस्ते दरों में लोन की सुविधा देती है। 

सामाजिक मुद्दों पर सकारात्मक कदम

सिंगल यूज प्लास्टिक के रोकथाम के लिए इस कारोबारी दिग्गज ने कंपनी के टॉप मैनेजमेंट के साथ बैठक की। जिसमे स्टील के बॉटल को उपयोग में लाने के और इसको पूर्ण रुप से बैन करने के उपायों पर बातचीत किया। बैठक के बाद ट्विट करके सभी को इसमें सहयोग करने का मदद भी किया।  

प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत

64 वर्षीय आनंद महिंद्रा ने हॉर्वर्ड विश्ववद्यालय और हॉर्वर्ड बिजनेस विश्ववद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की है। उन्होने प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत की थी और देश में दूसरा सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल है। वे अपने मुंबई स्थित घर में रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी अनुराधा महिंद्रा जो द इंडियन क्वार्टरली की प्रकाशक हैं। इनकी बेटियां दिव्या और आलिका फिल्म और डिजाइन की दुनिया से जुड़ी हैं। 

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