
PM Kisan 24th Installment Latest Update: अगर आप भी पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है। सरकार ने जून के महीने में करोड़ों किसानों के खातों में 23वीं किस्त के 2,000 रुपए ट्रांसफर किए थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिकॉर्ड में छोटी सी गड़बड़ी होने के कारण लाखों किसानों का पैसा बीच में ही अटक गया? कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से साफ है कि सरकार के पास बजट या फंड की कोई कमी नहीं है। किसानों का पैसा रुकने की सबसे बड़ी वजह उनके डिजिटल रिकॉर्ड में गड़बड़ी होना है। अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त पर हैं और आप चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त बिना किसी रुकावट के सीधे आपके बैंक अकाउंट में आ जाए, तो तुरंत अपने फोन से ये 5 चीजें चेक कर लें।
पीएम किसान सम्मान निधि की अब तक 23 किस्तें जारी हो चुकी हैं। अब 24वीं किस्त रिलीज होने वाली है, जो मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, त्योहारों के सीजन यानी अक्टूबर या नवंबर के आसपास आ सकती है। हालांकि, अभी तक इसे लेकर किसी तरह की ऑफिशियिल जानकारी सामने नहीं आई है।
e-KYC स्टेटस
सरकार ने योजना में होने वाली किसी भी तरह की धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए e-KYC को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। अगर आपके स्टेटस में e-KYC पूरी नहीं दिख रही है, तो सिस्टम आपका पैसा होल्ड पर डाल देगा। इसे ठीक करने के लिए तुरंत पीएम किसान की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं या अपने फोन में 'PM-Kisan Mobile App' डाउनलोड करें। वहां आप OTP या फएस स्कैन (Face-Authentication) करके सिर्फ 2 मिनट में अपनी e-KYC खुद पूरी कर सकते हैं।
किसान रजिस्ट्री
अगर आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं, तो यह नियम आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। यूपी सरकार ने अब पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ देने के लिए 'किसान रजिस्ट्री' (UP Kisan Registry & Farmer ID) अनिवार्य कर दी है। इसके बिना आगामी किस्तों का पैसा सीधे रोक दिया जाएगा। यूपी के सभी लाभार्थियों को 'किसान रजिस्ट्री' पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही आपको 12 अंकों की एक यूनिक 'फार्मर आईडी' मिलेगी। इस आईडी के बनने के बाद ही आपकी 24वीं किस्त सुरक्षित हो पाएगी।
DBT और आधार लिंक
कई किसान सोचते हैं कि उनका बैंक खाता चालू है तो पैसा आ ही जाएगा, लेकिन पीएम किसान का पैसा सामान्य तरीके से नहीं भेजा जाता है। सरकार यह राशि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के जरिए सीधे आपके आधार से जुड़े खाते में भेजती है। इसके लिए आपका बैंक अकाउंट आपके आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और उस पर NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) मैपिंग एक्टिव होनी चाहिए। तुरंत अपनी बैंक शाखा में जाएं और वहां 'DBT या NPCI मैपिंग' का फॉर्म भरकर अपने खाते को सरकारी डीबीटी सर्वर से जुड़वाएं।
जमीन का वैरिफिकेशन
सरकारी रिकॉर्ड में लैंड सीडिंग (Land Seeding Status) दर्ज होना जरूरी है कि आप वास्तव में खेती योग्य जमीन के मालिक हैं। आपकी जमीन की पूरी डिटेल (खसरा-खतौनी) आपके किसान डिजिटल प्रोफाइल से लिंक होनी चाहिए। अगर सरकारी पोर्टल पर आपकी जमीन का वैरिफिकेशन यानी लैंड सीडिंग 'No' दिख रहा है, तो आपकी किस्त रुक सकती है। ऐसे में अपनी खतौनी (जमीन के कागज) की एक नकल लेकर अपने क्षेत्र के लेखपाल या राजस्व विभाग के अधिकारी से मिलें। वे आपके कागजात वेरिफाई करके पोर्टल पर इसे ऑनलाइन 'Yes' कर देंगे।
नाम की स्पेलिंग में अंतर
यह एक ऐसी छोटी-सी गलती है, जिस पर ज्यादातर किसान ध्यान नहीं देते, लेकिन इसकी वजह से लाखों लोगों का पैसा अटक जाता है। अगर आपके आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के कागजात (खतौनी) में आपके नाम की स्पेलिंग अलग-अलग (Name Spelling Mismatch) है, तो कंप्यूटर सिस्टम आपके आवेदन को मिसमैच मानकर पैसा रोक देता है। अपने इन तीनों मुख्य दस्तावेजों को उठाकर आपस में मिलाएं। अगर नाम या सरनेम (Surname) की स्पेलिंग में थोड़ा सा भी अंतर है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं। सभी रिकॉर्ड्स में आपका नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए।
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