
नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2020-21 में स्टार्टअप कंपनियों के लिए इसॉप्स से जुड़े कर मुद्दे का समाधान कर उनकी आखिरी बाधा भी समाप्त कर दी है। अब देश में स्टार्टअप कंपनियों के लिए सबसे बेहतर माहौल है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन प्रमोद चंद्र मोदी ने पीटीआई-भाषा से एक विशेष बातचीत में यह बात कही।
मोदी ने कहा
मोदी ने कहा कि स्टार्टअप कंपनियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों का समाधान पिछले बजट में ही कर दिया गया था। इस बार के बजट में कर्मचारी शेयर विकल्प योजना (इसॉप्स) से जुड़े मुद्दे का भी समाधान कर दिया गया है। सीबीडीटी, आयकर विभाग के लिए नीतियां बनाने वाली शीर्ष निकाय है और यह वित्त मंत्रालय के तहत काम करता है।
बजट भाषण में सीतारमण ने कहा
मोदी ने कहा, " तो अब स्टार्टअप के लिए आखिरी बाधा माने जाने वाले मुद्दे का भी समाधान कर दिया गया है। यह स्टार्टअप के लिए अब सबसे अच्छा माहौल है।" अपने बजट भाषण में सीतारमण ने कहा था, " स्टार्टअप के प्रोत्साहन के लिए मैं कर्मचारियों पर कराधान के बोझ को सुगम करने का प्रस्ताव करती हूं। इसके तहत कर भुगतान को पांच साल या जब तक वे कंपनी नहीं छोड़ देते या उसे बेच नहीं देते, जो भी पहले होगा, तक के लिए टाला जाएगा।"
आमतौर पर स्टार्टअप कंपनियां अपने पैरों पर खड़े होने के दौर में योग्य लोगों को कर्मचारी के तौर पर रखने के लिए इसॉप का इस्तेमाल करती हैं। यह उनके वेतन का एक अहम हिस्सा होता है। वर्तमान में जब कर्मचारी इसॉप से मिली हिस्सेदारी को भुनाते हैं तो उन्हें इस पर कर देना होता है।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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