
RBI Policy Update: बुधवार, 5 अगस्त को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनेटरी पॉलिसी के फैसलों की जानकारी दी। रिजर्व बैंक ने आम आदमी की उम्मीदों पर थोड़ा ब्रेक लगाते हुए रेपो रेट को 5.25% पर ही फिक्स रखा है। मतलब आपकी EMI में फिलहाल कोई कटौती नहीं होने वाली है। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब आपकी EMI कब कम होगी? केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा के पूरे भाषण में इसका सीधा जवाब तो नहीं मिला, लेकिन कुछ ऐसे हिंट जरूर मिले हैं, जो आने वाले महीनों की तस्वीर साफ करते हैं।
RBI की 6 सदस्यीय MPC (Monetary Policy Committee) ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि फिलहाल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही रेपो रेट 5.25%, SDF रेट 5%, MSF रेट 5.50% और बैंक रेट 5.50% रखा। चारों दरों को पहले जैसा ही रखा गया है और पॉलिसी स्टांस भी न्यूट्रल (Neutral) रखा गया है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपनी स्पीच में साफ कहा कि अभी खाने-पीने की चीजों और फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) की वजह से महंगाई का मीटर थोड़ा ऊपर है। RBI का अनुमान है कि इस साल की तीसरी तिमाही (Q3) यानी अक्टूबर से दिसंबर के बीच में महंगाई अपने सबसे ऊंचे स्तर (5.9%) पर होगी, और उसके बाद यह धीरे-धीरे नीचे आना शुरू हो जाएगी। अगर आने वाले महीनों में महंगाई उम्मीद से कम रहती है और वैश्विक हालात सुधरते हैं, तब RBI के पास भविष्य में ब्याज दरों पर फैसला लेने की ज्यादा गुंजाइश बन सकती है। यानी अगर सबकुछ सही रहा तो इस साल के अंत में या अगले साल (2027) की शुरुआत में आपको सस्ती EMI का तोहफा मिल सकता है। हालांकि, इसका आखिरी फैसला रिजर्व बैंक करेगा।
अल नीनो का खतरा
मौसम में बदलाव और बारिश के बिगड़े हुए पैटर्न (El Nino) की वजह से फसलों पर असर पड़ सकता है, जिससे आने वाले दिनों में खाने-पीने का सामान और महंगा होने का रिस्क है।
ग्लोबल टेंशन
जुलाई की शुरुआत से ही दुनिया के कई हिस्सों खासकर मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ गया है। इससे कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में RBI 'वेट एंड वॉच' (न्यूट्रल) मोड में ही रहना चाहता है।
RBI के आज के फैसले के अनुसार, फिलहाल स्थिरता पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। इसका मतलब है कि अभी लोन भी उसी रेंज में रह सकते हैं और EMI में भी तुरंत कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन अगर आने वाले महीनों में महंगाई काबू में रहती है, तो भविष्य में राहत मिलने की संभावना जरूर बन सकती है।
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