
नई दिल्लीः कुछ वक्त से आप नोटिस कर रहे होंगे कि आपके हाथ में 2000 रुपए का एक भी नोट नहीं आया है। लोग आपस में बातें भी कर रहे हैं कि आखिर 2000 रुपए के नोट कहां गए। अगर आपने नोटिस किया होगा तो समझ गए होंगे कि 2,000 रुपये के नोट का चलन कम हो गया है। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट (RBI Annual Report) के मुताबिक, 2,000 रुपये के बैंक नोट की संख्या में पिछले कुछ साल से गिरावट का सिलसिला जारी है। इस साल मार्च अंत तक चलन वाले कुल नोट में इनकी हिस्सेदारी घटकर 214 करोड़ या 1.6 फीसदी रह गई।
बाजार से घटता जा रहा है 2000 रुपए का नोट
RBI ने 2022 की अपनी एनुअल रिपोर्ट में बताया है कि 2000 रुपए के नोट का सर्कुलेशन धीरे-धीरे बाजार से घटता जा रहा है। एक साल पहले मार्केट में 2000 रुपए के नोट का सर्कुलेशन 17.3% था, जो अब घटकर 13.8% रह गया है यानी 3.5% सर्कुलेशन खत्म हो गया है। RBI की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्केट में मौजूद टोटल करेंसी वैल्यू में 2000 रुपए के नोट की हिस्सेदारी सिर्फ 1.6% रह गई है। फिस्कल ईयर 2021 में यह 2% था। उससे एक साल पहले फिस्कल ईयर 2020 में टोटल करेंसी सर्कुलेशन में 2000 रुपये के सर्कुलेशन का हिस्सा सिर्फ 2.4% था।
मार्केट में 10 रुपए के नोट सबसे ज्यादा
वैल्यू के हिसाब से बात करें तो बैंक नोट के कुल वैल्यू में 500 रुपए और 2000 रुपए के नोट की वैल्यू की हिस्सेदारी 87.1% है। जबकि 31 मार्च 2021 तक यह हिस्सेदारी 85.7% थी। फिस्कल ईयर 2022 में बैंक नोट की वैल्यू 9.9% और वॉल्यूम 5% बढ़ा है। इससे एक साल पहले वैल्यू में 16.8% और वॉल्यूम में 7.2% का इजाफा हुआ है। वॉल्यूम के लिहाज से मार्केट में 500 रुपए की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 34.9% है। इसके बाद मार्केट में सबसे ज्यादा 10 रुपए के नोट हैं। कुल बैंक नोट सर्कुलेशन में 10 रुपए के नोट की हिस्सेदारी 21.3 % है।
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