
बिजनेस डेस्क। साल 2021 म्यूचुअल फंड निवेशकों (Mutual Funds Investors), खासकर इक्विटी में निवेश करने वालों के लिए अच्छा रहा। मिड और स्मॉलकैप इक्विटी फंड्स (Equity Mutual Funds) ने इस साल अब तक 40 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। एसीईएमएफ के आंकड़ों के अनुसार इस साल लार्ज-कैप फंड पिछड़ते हुए दिखाई दिए। उसके बाद भी उन्होंने औसतन 20 फीसदी का रिटर्न दिया। वहीं दूसरी ओर सोना और चांदी (Gold And Silver Price) ने निवेशकों को 4 से 10 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न दिया है।
इस साल इक्विटी फंड का जलवा
ACEMF के आंकड़ों के मुताबिक नवंबर तक इक्विटी म्यूचुअल फंडों में 71,593 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ। थीमैटिक और सेक्टोरल फंडों को मिलाकर इक्विटी फंडों में सबसे ज्यादा 21,768 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ। वैल्यू फंड और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स (ईएलएसएस) में क्रमश: 5,018 रुपए और 3,810 करोड़ रुपए की नेट विद्ड्रॉल देखने को मिला है। वित्तीय सलाहकार अक्सर कहते हैं कि एक मजबूत निवेश पोर्टफोलियो बनाने के लिए, निवेशकों को लार्ज-कैप योजनाओं के साथ-साथ मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंडों में विविधता लानी चाहिए।
डेट फंड ने भी बाजी मारी
डायवर्सिफिकेशन की बात करें तो निवेशकों ने डेट फंडों के अपने डर को पीछे छोड़ दिया है। पिछले साल, कोविड -19 की शुरुआत से डेट फंड और क्रेडिट मार्केट हिल गए थे, जिसने लिक्विडिटी को रोक दिया और साथ ही, फ्रैंकलिन टेम्पलटन की डेट स्कीम्स के पतन का कारण बना। साल 2021 हालांकि अलग रहा। क्रेडिट रिस्क फंड ने 2021 में अब तक 9.2 फीसदी का रिटर्न दिया है। पूंजी बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, क्रेडिट रिस्क फंडों को अपनी संपत्ति का कम से कम 65 फीसदी निवेश करना चाहिए।
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शॉर्ट टर्म फंड और कॉरपोरेट बांड रहे थोड़े कमजोर
कुल मिलाकर हालांकि, रिटर्न के नजरिए से डेट फंडों के लिए यह एक कठिन वर्ष था। कम ब्याज दरों की वजह से डेट फंड मैनेजर्स को रिटर्न हासिल करने में दिक्कत हुई। एसीईएमएफ के आंकड़ों के मुताबिक शॉर्ट टर्म डेट फंडों ने 4.7 फीसदी का रिटर्न दिया। कॉरपोरेट बॉन्ड फंड का समय और भी कठिन था, वे 2021 में सिर्फ 3.7 फीसदी का रिटर्न देने में कामयाब रहे।
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गोल्ड और सिल्वर ने दिया नेगेटिव रिटर्न
बढ़ते इक्विटी बाजारों और वैश्विक रिकवरी की उम्मीदों ने 2021 में सोने की कीमतों और गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों से रिटर्न को कम कर दिया। लेकिन विशेषज्ञ हमें याद दिलाते हैं कि सोने को हमारे पोर्टफोलियो के लिए एक हेज के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि उच्च उत्पन्न करने के लिए एक संपत्ति के रूप में। अगर बात आंकड़ों की करें तो 2021 में अब तक सोने ने 3.94 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न दिया है। जबकि चांदी की तो और भी ज्यादा हालत खराब देखने को मिली है। इस साल अब तक चांदी में 9.90 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न देखने को मिला है।
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