
Money Mistakes: हर साल जब सैलरी बढ़ती है, तो हम मन ही मन बहुत खुश होते हैं। सोचते हैं कि अब तो खूब सेविंग होगी, हर महीने हजारों रुपए बचाएंगे। लेकिन सैलरी बढ़ने के कुछ समय बाद भी फिर महीने की 25 तारीख आते-आते अकाउंट का बैलेंस 'जीरो' दिखने लगता है। आखिर वो बढ़ा हुआ पैसा जा कहां रहा है? क्यों लाखों रुपए कमाने के बाद भी आप वहीं खड़े हैं, जहां 2 साल पहले थे? आइए जानते हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी गलतियां हैं, जिनकी वजह से अच्छी-खासी सैलरी होने के बाद भी जेब खाली रह जाती है...
बहुत से लोग जैसे ही सैलरी बढ़ती है, वैसे ही अपनी लाइफस्टाइल भी बदल लेते हैं। महंगा मोबाइल, नई बाइक या कार, बाहर घूमना-फिरना और खाना, ऑनलाइन शॉपिंग और हर महीने नए सब्सक्रिप्शन... धीरे-धीरे खर्च इतने बढ़ जाते हैं कि बढ़ी हुई सैलरी का फायदा महसूस ही नहीं होता है। यही वजह है कि कमाई बढ़ने के बावजूद बचत नहीं हो पाती है।
पहले खर्च, बाद में बचत
ज्यादातर लोग पहले पूरे महीने खर्च करते हैं और जो बच जाए, उसे सेविंग मान लेते हैं, लेकिन अक्सर महीने के आखिरी तक कुछ बचता ही नहीं है। सही तरीका यह है कि सैलरी आते ही पहले बचत और निवेश के लिए पैसा अलग रखें, फिर बाकी रकम से महीने का बजट बनाएं।
बिना बजट के खर्च करना
अगर आपको खुद नहीं पता कि हर महीने पैसा कहां खर्च हो रहा है, तो बचत करना मुश्किल है। एक महीने तक अपने हर छोटे-बड़े खर्च का रिकॉर्ड रखें। इससे आपको खुद समझ आ जाएगा कि कहां फालतू खर्च हो रहा है।
छोटी-छोटी खरीदारी भी बन जाती है बड़ा खर्च
रोज की कॉफी, बार-बार ऑनलाइन खाना मंगाना, बिना जरूरत ऑनलाइन शॉपिंग या ऐप सब्सक्रिप्शन जैसी छोटी बातें महीने के अंत तक बड़ी रकम बन जाती हैं। इन खर्चों पर थोड़ा कंट्रोल करके हर महीने अच्छी बचत की जा सकती है।
इमरजेंसी फंड न बनाना
अगर अचानक मेडिकल खर्च, गाड़ी की मरम्मत या किसी दूसरी जरूरत के लिए पैसे चाहिए और आपके पास बचत नहीं है, तो अक्सर लोग क्रेडिट कार्ड या लोन का सहारा लेते हैं। इससे बचत तो खत्म होती ही है, साथ में ब्याज का बोझ भी बढ़ जाता है।
सिर्फ बैंक अकाउंट में पैसा रखना
कई लोग सोचते हैं कि बैंक में पैसा पड़ा है, यानी बचत हो रही है, लेकिन अगर पैसा बिना किसी योजना के पड़ा है, तो वह लंबे समय में आपकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है। अपने लक्ष्य के हिसाब से बचत और निवेश की योजना बनाना ज्यादा जरूरी है।
सैलरी बढ़े तो बचत भी बढ़नी चाहिए
अगर आपकी सैलरी में 10% का इंक्रीमेंट हुआ है, तो कोशिश करें कि बचत भी पहले से ज्यादा करें। पूरी बढ़ी हुई रकम खर्च करने की आदत भविष्य में फाइनेंशियली प्रॉब्लम का कारण बन सकती है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य वित्तीय जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश, वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी निवेश, बचत या वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपनी इनकम, जोखिम उठाने की क्षमता और जरूरतों का आकलन करें। जरूरत पड़ने पर किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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