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दशहरा-दिवाली शॉपिंग से पहले क्रेडिट कार्ड वालों सावधान! RBI के फैसले के बाद जान लें ये 5 बातें
Credit Card Shopping Traps: फेस्टिव शॉपिंग का क्रेज अलग ही होता है। नया मोबाइल, टीवी, फ्रिज से कपड़ों और घर के सामान तक लोग जमकर खरीदारी करते हैं। लेकिन क्रेडिट कार्ड से खर्च करने से पहले 5 बातें जानना जरूरी है, वरना छोटी खरीदारी बड़ा बिल बन सकती है

RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, फेस्टिव शॉपिंग पर क्यों रखें नजर?
7 अक्टूबर 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 फीसदी कर दिया। फरवरी 2023 के बाद ये पहली बढ़ोतरी है। आरबीआई ने महंगाई के बढ़ते दबाव को देखते हुए ये कदम उठाया है। रेपो दर बढ़ने का मतलब ये नहीं है कि हर क्रेडिट कार्ड की ब्याज दर तुरंत 0.25 फीसदी बढ़ जाएगी। क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला ब्याज और दूसरे शुल्क बैंक तथा कार्ड की शर्तों पर निर्भर करते हैं। लेकिन ऐसे माहौल में उधार लेना महंगा पड़ सकता है। इसलिए त्योहारों की खरीदारी में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय ज्यादा सावधानी जरूरी है।

क्रेडिट कार्ड से खरीदारी सस्ती दिखती है, लेकिन बिल बढ़ सकता है
क्रेडिट कार्ड की सबसे बड़ी सुविधा ये है कि खरीदारी के समय जेब से तुरंत पैसे नहीं देने पड़ते। यही सुविधा कई बार ज्यादा खर्च करा देती है। मान लीजिए आपने त्योहार पर 50 हजार रुपए की खरीदारी कर ली और तय तारीख तक पूरा बिल नहीं चुकाया। ऐसी स्थिति में बकाया रकम पर कार्ड के नियमों के मुताबिक ब्याज और दूसरे चार्जेस लग सकते हैं। ब्याज दर कार्ड के हिसाब से काफी अलग हो सकती है। इसलिए खरीदारी करने से पहले ये देखना जरूरी है कि पूरा बिल चुकाने पर आपको कितना देना है और अगर भुगतान टल गया तो कितना अतिरिक्त खर्च हो सकता है। सिर्फ इसलिए ज्यादा खरीदारी न करें क्योंकि कार्ड में खर्च करने की लिमिट ज्यादा है। कार्ड की सीमा आपकी कमाई या त्योहार का बजट नहीं है।
मिनिमम ड्यू भरना पड़ सकता है भारी
क्रेडिट कार्ड के बिल पर एक मिनिमम ड्यू पेमेंट भी दिखाई जाती है। कई लोगों को लगता है कि इतनी रकम जमा कर देने से बिल की जिम्मेदारी खत्म हो गई। ऐसा नहीं है। अगर आपने पूरा बकाया नहीं चुकाया है तो बाकी रकम पर कार्ड के नियमों के अनुसार ब्याज और अन्य शुल्क लग सकते हैं। यही वजह है कि छोटी रकम से शुरू हुआ बकाया समय के साथ काफी बढ़ सकता है। त्योहार की खरीदारी के बाद अगर एक साथ पूरा बिल चुकाना संभव नहीं है, तो खरीदारी करने से पहले ही हिसाब लगा लें कि अगले महीने आपकी जेब पर कितना बोझ आएगा। भुगतान की आखिरी तारीख भी जरूर देखें, क्योंकि देर होने पर एक्स्ट्रा चार्ज लग सकता है।
बिना ब्याज वाली किस्त देखकर तुरंत खरीदारी न करें
त्योहारों में बिना ब्याज वाली किस्तों के कई प्रस्ताव मिलते हैं। टीवी, मोबाइल, फ्रिज और दूसरे महंगे सामान पर ऐसी सुविधा देखकर खरीदारी करना आसान लगता है। लेकिन किस्त चुनने से पहले सिर्फ हर महीने की रकम न देखें। कुल पेमेंट कितना होगा, ये जरूर चेक करें। इसके साथ ही प्रोसेसिंग फीस, टैक्स, दूसरे चार्जेस, छूट और वापस मिलने वाली रकम की शर्तों को भी पढ़ें। कुछ मामलों में दुकान की कीमत, किस्त की रकम और कार्ड से होने वाले कुल भुगतान में अंतर हो सकता है। अगर किस्त समय से पहले बंद करनी है या खरीदारी वापस करनी है तो उसके नियम भी पहले देख लें। हर बैंक और हर कार्ड की शर्तें एक जैसी नहीं होती हैं।
दशहरा- दिवाली पर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने का आसान तरीका
- त्योहार पर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना गलत नहीं है। परेशानी तब होती है जब बिना बजट बनाए लगातार खर्च किया जाता है। सबसे पहले तय करें कि इस दिवाली खरीदारी पर कुल कितना पैसा खर्च करना है। फिर उसी सीमा के अंदर कार्ड का इस्तेमाल करें।
- अगर संभव हो तो हर महीने पूरा कार्ड बिल समय पर चुका दें। इससे बकाया रकम पर लगने वाले ब्याज से बचने में मदद मिलती है। महंगी खरीदारी को किस्त में बदलने से पहले उसकी पूरी लागत समझें और सिर्फ कम मासिक रकम देखकर फैसला न लें।
- सबसे जरूरी बात, त्योहार की खुशी के लिए ऐसा कर्ज न लें जिसे चुकाने में आने वाले कई महीने परेशान होना पड़े। खरीदारी करने से पहले अपना बजट, कार्ड की शर्तें और भुगतान की तारीख जरूर चेक करें।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य वित्तीय जागरूकता और जानकारी के लिए है। अलग-अलग बैंकों और कार्ड देने वाली कंपनियों के नियम, ब्याज दरें, प्रोसेसिंग फीस और पेनल्टी की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। त्योहारी सीजन में कोई भी बड़ी खरीदारी, ईएमआई कन्वर्जन या वित्तीय फैसला लेने से पहले अपने संबंधित बैंक की टर्म्स एंड कंडीशंस (Terms & Conditions) ध्यान से पढ़ें या किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।
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