ट्रंप की एक जिद से कांपा शेयर बाजार: सेंसेक्स 1000 पॉइंट्स टूटा, जानें मार्केट क्रैश की 5 बड़ी वजहें

Published : Jan 20, 2026, 04:29 PM IST

Sensex-Nifty Fall Reasons Today: मंगलवार का दिन शेयर बाजार के लिए भारी साबित हुआ। सुबह से ही बाजार में सुस्ती दिख रही थी, लेकिन दोपहर तक आते-आते हालात पूरी तरह बिगड़ गए। निवेशकों के लाखों-करोड़ों रुपए डूब गए। जानिए मार्केट क्रैश की सबसे बड़ी वजह... 

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सुबह संभला बाजार, फिर बदला मूड

शेयर बाजार में दिन की शुरुआत कमजोर रही। निफ्टी करीब 100 अंक नीचे 25,500 के आसपास खुला। शुरुआती कुछ घंटों तक बाजार ने खुद को संभालने की कोशिश भी की। कई निवेशकों को लगा कि गिरावट ज्यादा नहीं बढ़ेगी। लेकिन दोपहर होते-होते माहौल बदल गया। IT, फार्मा और बैंकिंग शेयरों में तेज बिकवाली शुरू हो गई। देखते ही देखते बाजार लाल निशान में गहराता चला गया और क्लोजिंग तक हालात काफी खराब हो चुके थे। सेंसेक्स 1065 अंक टूटकर 82,180 और निफ्टी 353 अंक गिरकर 25,233 के लेवल पर बंद हुआ।

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ट्रंप की जिद बनी बड़ी वजह

मार्केट जानकारों के मुताबिक, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक जिद है, जिसमें वे ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कह रहे हैं। ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर लगातार सख्त रुख दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि जो यूरोपीय देश इस कदम का विरोध करेंगे, उन पर अमेरिका टैरिफ लगा सकता है। उनकी इस जिद की वजह से अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई है। निवेशकों को डर है कि अगर ट्रेड वॉर शुरू हुआ, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। यही डर भारतीय बाजार तक भी पहुंच गया।

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कंपनियों के कमजोर नतीजों ने भी बढ़ाया दबाव

सिर्फ ग्लोबल तनाव ही नहीं, बल्कि देश के अंदर से भी बाजार को झटका लगा। तीसरी तिमाही में कई बड़ी कंपनियों के मुनाफे उम्मीद से कम रहे हैं। इससे निवेशकों का भरोसा और कमजोर हुआ। जब ग्लोबल खबरें खराब हों और कंपनियों के नतीजे भी कमजोर आएं, तो बाजार पर दबाव आना तय माना जाता है।

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स्टॉक मार्केट के किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा नुकसान

मंगलवार की गिरावट में रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा पिटा। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 5% टूट गया। इसके अलावा ऑटो और IT सेक्टर में भी 2% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। बैंकिंग और फार्मा शेयरों में भी भारी बिकवाली रही। जिन निवेशकों ने इन सेक्टर्स में पैसा लगाया था, उनके पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ा।

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ग्लोबल बाजार भी रहे कमजोर

भारतीय बाजार को विदेशी बाजारों से भी कोई सपोर्ट नहीं मिला। एशियाई बाजारों में कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई इंडेक्स सभी गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका के बाजार भी पहले ही कमजोरी दिखा चुके थे। डाउ जोन्स, नैस्डेक और S&P 500 हल्की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे ग्लोबल सेंटिमेंट और बिगड़ गया।

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विदेशी निवेशकों ने निकाला पैसा

गिरावट के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसा निकालना शुरू कर दिया। 19 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 3,262 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए। हालांकि घरेलू निवेशकों ने कुछ हद तक बाजार को संभालने की कोशिश की और 4,234 करोड़ रुपए की खरीदारी की। फिर भी विदेशी बिकवाली का असर बाजार पर साफ दिखा।

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