शेयर बाजार में आई तेजी का सिलसिला थमा, सेंसेक्स 536 और निफ्टी 159 पॉइंट नीचे, रुपया भी 40 पैसे गिरा

Published : Apr 24, 2020, 08:25 PM IST
शेयर बाजार में आई तेजी का सिलसिला थमा, सेंसेक्स 536 और निफ्टी 159 पॉइंट नीचे, रुपया भी 40 पैसे गिरा

सार

शेयर बाजारों में दो दिन से जारी तेजी के सिलसिले पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया। कंपनी फ्रैंकलिन टेंपलेटन म्यूचुअल फंड के बाद अचानक छह बांड योजनाओं को बंद करने की घोषणा से फाइनेंसियल और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त बिकवाली से सेंसेक्स 536 अंक टूट गया

बिजनेस डेस्क: शेयर बाजारों में दो दिन से जारी तेजी के सिलसिले पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया। कंपनी फ्रैंकलिन टेंपलेटन म्यूचुअल फंड के बाद अचानक छह बांड योजनाओं को बंद करने की घोषणा से फाइनेंसियल और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त बिकवाली से सेंसेक्स 536 अंक टूट गया। डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख से भी यहां धारणा प्रभावित हुई। 

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 535.86 अंक या 1.68 प्रतिशत के नुकसान से 31,327.22 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 159.50 अंक या 1.71 प्रतिशत के नुकसान से 9,154.40 अंक पर बंद हुआ। 
बांड बाजार में तरलता की कमी 

ये रही रुपए की हालत 

विदेशी बाजारों में डॉलर की तेजी और घरेलू शेयर बाजार के गिरावट के बीच शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 40 पैसे गिरकर 76.46 पर बंद हुआ।

फ्रैंकलिन टेंपलेटन ने बंद की अपनी बांड योजना 

घरेलू मोर्चे पर फ्रैंकलिन टेंपलेटन म्यूचुअल फंड ने कोविड-19 संकट की वजह से निकासी के दबाव और बांड बाजार में तरलता की कमी के चलते अपनी छह बांड या डेट योजनाओं को बंद करने का फैसला किया है। 

बांड बाजार की तरलता में कमी 

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कई रिटेल निवेशकों तथा उच्च संपदा वाले लोगों (एचएनआई) का पैसा इन योजनाओं में फंस जाएगा। इनकी वसूली कब तक हो पाएगी, इसको लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। घरेलू मोर्चे पर फ्रैंकलिन टेंपलेटन म्यूचुअल फंड ने कोविड-19 संकट की वजह से निकासी के दबाव और बांड बाजार में तरलता की कमी के चलते बृहस्पतिवार को अपनी छह बांड या डेट योजनाओं को बंद करने का फैसला किया है। 

फाइनेंस का शेयर सबसे अधिक टूटा

इन योजनाओं के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां 25,000 करोड़ रुपये की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कई खुदरा निवेशकों तथा उच्च संपदा वाले लोगों (एचएनआई) का पैसा इन योजनाओं में फंस जाएगा। इनकी वसूली कब तक हो पाएगी, इसको लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। सेंसेक्स की कंपनियों बजाज फाइनेंस का शेयर सबसे अधिक 9.14 प्रतिशत टूट गया। 

इन कंपनियों में रही बिकवाली 

इंडसइंड बैंक में 6.58 प्रतिशत, एक्सिस बैंक में 5.96 प्रतिशत आईसीआईसीआई बैंक 5.09 प्रतिशत और एचडीएफसी में पांच प्रतिशत का नुकसान रहा। रिलायंस इंडसट्रीज के शेयर में हालांकि 3.34 प्रतिशत की बढ़त रही। इससे सेंसेक्स का नुकसान कुछ कम रहा। सनफार्मा, हीरो मोटोकॉर्प, एलएंडटी, पावरग्रिड और बजाज आटो के शेयर भी लाभ में रहे। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 261.50 अंक या 0.82 प्रतिशत नुकसान में रहा। 

शेयरों में बिकवाली में देखा गया दबाव 

वहीं साप्ताहिक आधार पर निफ्टी में 112.35 अंक या 1.21 प्रतिश्त का नुकसान दर्ज हुआ। एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा, ‘‘एक बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी द्वारा कुछ बांड योजनाओं को बंद करने के फैसले से बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के शेयरों में बिकवाली दबाव देखा गया। आज सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज और कुछ फार्मा कंपनियो की वजह से बाजार अधिक गिरावट से बच पाया।’’ 

वैश्विक स्तर पर बाजारों में काफी उतार-चढ़ाव

रंगनाथन ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर निवेशकों को अपने निवेश आवंटन के लिए स्पष्ट रणनीति बनाने की जरूरत है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 1.77 प्रतिशत तक का नुकसान रहा। कोटक सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (पीसीजी रिसर्च) संजीव जरबादे ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बाजारों में काफी उतार-चढ़ाव है। 

यूरोपीय बाजार भी नुकसान में चल रहे हैं 

अभी तक कोविड-19 के इलाज के लिए कोई दवा बनाने में उल्लेखनीय कामयाबी नहीं मिल पाई है, जिससे बाजारों में बेचैनी है। अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी भारी नुकसान में बंद हुए। वहीं शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार नुकसान में चल रहे थे। 

कच्चे तेल की कीमत गिरी 

वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.38 प्रतिशत टूटकर 21.25 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया 40 पैसे के नुकसान से 76.46 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। 

कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ी संख्या

देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 23,077 हो गई है। अब तक देश में इस महामारी से 718 लोगों की जान गई है। वैश्विक स्तर पर अब तक इस महामारी संक्रमित लोगों का आंकड़ा 27 लाख को पार कर गया है। अब तक यह महामारी 1.90 लाख से अधिक लोगों की जान ले चुकी है।


 

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