
बिजनेस डेस्क : दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस से बचने के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन नहीं आई है। इस वायरस से बचने का एक मात्र उपाय है कि आप मास्क पहने। मास्क को लेकर भी कहा जाता है कि, मास्क काफी लेयर का होना चाहिए, जो आपको वायरस से पूरी तरह सुरक्षित रखें। भारत की गोल्डन फाल्कन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने दुनिया का पहले आठ लेयर मास्क बनाया है। सूरत की यह कंपनी सिलाई मशीनों पर एक दिन में 5000 मास्क बना रही हैं।
99.6 प्रतिशत बैक्टीरिया से बचाता ये मास्क
गोल्डन फाल्कन कंपनी ने जून 2020 के आखिर में अपने मास्क का उत्पादन शुरू किया और इन आठ परत वाले मास्क को बनाया है। इस मास्क की सबसे खास बात यह हैं कि, ये आपको 99.6 प्रतिशत बैक्टीरिया से बचाता हैं। इसका परीक्षण कोयंबटूर की सरकारी प्रयोगशाला SITRA ने किया है। गोल्डन फाल्कन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक परेश जरीवाला ने कहा, "ये प्रोटेक्टिव मास्क डॉक्टरों, नर्सों, पुलिसकर्मियों और अन्य कोरोना फ्रंट लाइन वारियर्स के लिए सबसे सुरक्षित हैं। हमारी प्राथमिकता भारत के लोगों के लिए सबसे अच्छा, आरामदायक और सुरक्षित मास्क प्रदान करना है।"
लोगों के लिए रोजगार के अवसर
गोल्डन फाल्कन कंपनी ने इस महामारी के समय में रोजगार पैदा करने के मुख्य उद्देश्य के साथ इन मास्क को बनाने का काम शुरू किया। इन मास्क को बनाने की शुरुआत में ही कंपनी ने 200 से अधिक रोजगार दिए हैं। गोल्डन फाल्कन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक परेश जरीवाला ने कहा कि 'हम उन सभी सामग्रियों का उपयोग कर रहे हैं, जो मेड इन इंडिया हो। ये वोकल फॉर लोकल मूवमेंट के प्रति हमारा समर्थन दिखाता है'।
मास्क की खासियत
ये मास्क लाइट वेट, आसानी से धोने योग्य हैं। मास्क को नाक और कान के पीछे से एडजेस्ट भी किया जा सकता हैं। हाथों से सिले हुए ये मास्क कोविड -19 के खिलाफ सुरक्षा प्रदान तो करते ही हैं, साथ ही ऑफिस के लिए, आउटिंग और फॉर्मल के लिए डिफरेंटऑपशन भी देते हैं।
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