TCS Share Buy or Sell: 8% क्रैश के बाद IT स्टॉक खरीदना समझदारी या बड़ा रिस्क? जानें एक्सपर्ट्स से

Published : Jun 03, 2026, 01:49 PM IST
TCS Share

सार

TCS Share Price: निफ्टी आईटी इंडेक्स और टीसीएस के शेयरों में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई है? क्या AI के आने से भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई पर कोई बड़ा असर पड़ेगा? महाक्रैश के बाद टीसीएस का नया टारगेट प्राइस और आउटलुक क्या है?

TCS Share Price Target: IT सेक्टर में आई बड़ी गिरावट ने लाखों निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। एक ही दिन में IT शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली और कई बड़े स्टॉक्स 5% से 9% तक टूट गए। इस गिरावट में देश की सबसे बड़ी IT कंपनी TCS भी नहीं बच सकी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या TCS में निवेश करने का यह सही समय है या फिर अभी और गिरावट का खतरा बना हुआ है? आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं...

IT शेयरों में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?

1. AI का डर

सबसे बड़ा डर यह है कि ChatGPT जैसी एआई (Artificial Intelligence) तकनीक आने के बाद आईटी कंपनियों का पुराना बिजनेस मॉडल (Outsourcing) कमजोर पड़ सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) का तो यहां तक कहना है कि एआई के आने से आईटी कंपनियों की पारंपरिक कमाई में 25% तक की बड़ी गिरावट आ सकती है।

2. अमेरिका और यूरोप से कमजोर मांग

भारत की आईटी कंपनियां सबसे ज्यादा कमाई अमेरिका और ब्रिटेन (UK) जैसे देशों से करती हैं, लेकिन इस समय उन देशों की आर्थिक रफ्तार धीमी है, जिससे वहां की कंपनियों ने नए प्रोजेक्ट्स पर पैसा खर्च करना कम कर दिया है।

3. मिडिल ईस्ट का तनाव

पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे युद्ध और तनाव की वजह से दुनियाभर के निवेशक डरे हुए हैं और वे बाजारों से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

TCS Share को लेकर एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?

जब कोई बड़ा शेयर बहुत ज्यादा गिर जाता है, तो वह काफी सस्ता दिखने लगता है। इसे मार्केट की भाषा में 'वैल्यू इनवेस्टिंग' कहते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि आंख बंद करके खरीदारी करने से पहले कई फैक्टर्स को देखना जरूरी है। कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई का मतलब यह नहीं है कि आईटी कंपनियां बंद हो जाएंगी। कंपनियों को अपने सिस्टम में एआई को जोड़ने और नए सॉफ्टवेयर बनाने के लिए हमेशा भारतीय आईटी कंपनियों जैसे पार्टनर की जरूरत रहेगी। यानी काम का तरीका बदलेगा, लेकिन काम खत्म नहीं होगा। वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि एआई से कमाई होने में अभी काफी लंबा समय लगेगा। कंपनियों को पहले खुद एआई अपनाना होगा, फिर उसे ग्राहकों के लिए बिलिंग में बदलना होगा। इसलिए शॉर्ट-टर्म (कम समय) में इन शेयरों में उतार-चढ़ाव और गिरावट जारी रह सकती है।

TCS Share का नया टारगेट प्राइस

दिग्गज प्लेटफॉर्म ट्रेडलाइन (trendlyne.com) के अनुसार, अलग-अलग ब्रोकरेज और 10 बड़े एक्सपर्ट्स की राय को देखें तो अभी शेयर की प्राइस (3 जून दोपहर 1.30 बजे तक) 8.44% की गिरावट के बाद ₹2,240.40 है। इसका औसत टारगेट प्राइस (Average Target) ₹3253.80 तक है। यानी लॉन्ग टर्म के लिहाज से देखें, तो एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि यह शेयर मौजूदा भाव से करीब 45% ऊपर जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे, यह सिर्फ अनुमान है। कई ब्रोकर्स ने इस क्रैश को देखते हुए अपनी पुरानी रेटिंग को 'बाय' (Buy) से घटाकर 'होल्ड' (Hold) भी किया है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश की सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है और किसी भी स्टॉक का पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता। TCS या किसी अन्य शेयर में निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, निवेश लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

 

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