
Budget 2026 Latest Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी को लगातार अपना 9वां बजट पेश किया। उनके इस बजट से आम जनता को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इसमें सीधे तौर पर किसानों, बुजुर्गों या टैक्सपेयर्स को कोई फायदा होता नहीं दिख रहा। इसके अलावा इस साल पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं, बावजूद इसके बजट में इनके लिए अलग से कोई खास योजना का ऐलान नहीं हुआ। जानते हैं इस बजट में किसको क्या मिला?
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में किसानों के लिए सीधे तौर पर तो कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। किसानों को उम्मीद थी कि सरकार किसान सम्मान निधि की राशि सालाना 6000 से बढ़ाकर 9000 रुपए कर देगी। हालांकि, कृषि क्षेत्र को लेकर कुछ अहम घोषणाएं की हैं। इनका मकसद किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और खेती को आधुनिक बनाना है।
पशुपालन सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम शुरू करेगी। इस योजना के तहत दुग्ध उत्पादन, पोल्ट्री अन्य पशु आधारित व्यवसाय को आर्थिक मदद दी जाएगी, जिससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ेगा। बजट में डेयरी, पोल्ट्री और पशु व्यवसायों को आधुनिक बनाने की घोषणा की गई है।
सरकार ने नारियल और चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। कोकोनट प्रोत्साहन योजना के जरिए करीब 1 करोड़ किसानों और 3 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाया जाएगा। इससे इन फसलों की खेती करने वाले किसानों की आय बढ़ेगी।
बजट में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार का फोकस महिला उद्यमिता, रोजगार और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर है।
ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की अगुआई वाले बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार SHE (Self-Help Entrepreneur) मार्ट्स शुरू करेगी। इन शी-मार्ट्स में महिलाएं अपने बनाए उत्पाद हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री और घरेलू सामान आसानी से बेच सकेंगी। इससे महिलाओं को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी और उनकी आय बढ़ेगी।
बजट में छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश के करीब 800 जिलों में हॉस्टल बनाए जाएंगे। लक्ष्य है कि हर जिले में कम से कम एक गर्ल्स हॉस्टल जरूर बनाया जाए। इससे दूर-दराज के इलाकों की छात्राओं को पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी।
इस बार लोगों को उम्मीद थी कि आयुष्मान भारत योजना में अब 60 साल की उम्र वाले लोगों को भी शामिल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यानी हेल्थ सेक्टर में भी आम जनता को कोई सीधा फायदा नहीं है। फिर भी सरकार ने हेल्थ और मेडिकल सेक्टर को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया है। वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, रोजगार सृजन और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने से जुड़े कई अहम ऐलान किए हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि देश में 5 मेडिकल हब विकसित किए जाएंगे। इन मेडिकल हब्स में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी होगी। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। मेडिकल हब्स में आयुष और डायग्नोस्टिक सेवाएं, पोस्ट-केयर सुविधाएं, रिहैबिलिटेशन सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिससे मरीजों को इलाज के बाद भी बेहतर देखभाल मिल सकेगी।
मेडिकल हब्स और नई स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और टेक्नीशियन के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार ने हाई क्वालिटी आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने का भी ऐलान किया है। इससे भारतीय आयुर्वेदिक इंडस्ट्री को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी।
Budget 2026 में बायो फार्मा स्कीम की घोषणा भी की गई है। इसका उद्देश्य देश में बायो-फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना और भारत को ग्लोबल हब बनाना है। कुल मिलाकर, बजट में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार सृजन, आयुर्वेद और बायो-फार्मा को बढ़ावा जैसे पहलुओं पर फोकस किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पेश किए गए इस बजट में वित्त मंत्री ने रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है। यानी इसमें 15.2% की बढ़ोतरी हुई है। डिफेंस बजट की सबसे अहम बात यह है कि हथियार खरीदी और आधुनिकीकरण के लिए पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस साल ₹2.19 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह पूंजीगत खर्च में सीधी 22% की बढ़ोतरी है। इसके अलावा विमान और एयरो इंजन डेवलपमेंट के लिए ₹64 हजार करोड़, नौसेना बेड़े के विस्तार के लिए ₹25 हजार करोड़ और डिफेंस पेंशन के लिए ₹1.71 लाख करोड़ अलग से रखे गए हैं।
बजट में रेलवे, जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट पर जोर दिया गया है। 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है। इसके अलावा अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं डेवलप की जाएंगी।
बजट में नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। उम्मीद थी कि सरकार इस बार स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75000 रुपए से बढ़ाकर 1 लाख कर देगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा इनकम टैक्स स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि, रिटर्न फाइलिंग में राहत दी गई है और रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। यानी अब टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। इसके अलावा नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। टैक्स फॉर्म्स को री-डिजाइन किया गया है, ताकि आम लोग उन्हें आसानी से भर सकें।
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