Gold Loan Renewal: सोना गिरवी रखकर लिया है लोन? रिन्यू कराने से पहले जरूर चेक करें ये नियम

Published : Sep 19, 2026, 02:12 PM IST
Gold Loan

सार

Gold Loan Renewal: गोल्ड लोन रिन्यू कराते समय सोने की मौजूदा कीमत और LTV (लोन टू वैल्यू) रेश्यो का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सोने के दाम गिरने पर LTV बढ़ जाता है, जिससे बैंक आपसे बकाया चुकाने या और सोना जमा करने को कह सकते हैं। इसलिए रिन्यूअल से पहले ब्याज दर और फीस जरूर चेक करें।

Gold Loan Renewal Rules: जब अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो घर में रखा सोना गिरवी रखकर लोन लेना सबसे आसान लगता है। कई लोग लोन की मियाद खत्म होने पर एक साथ पूरा पैसा नहीं चुका पाते, तो वे इसे रिन्यू करा लेते हैं। ये तरीका सुनने में आसान लगता है, लेकिन लोन रिन्यू कराते समय आपको एक बहुत जरूरी बात का ध्यान रखना चाहिए।

गोल्ड लोन रिन्यूअल का ये सीक्रेट नियम जानते हैं आप?

जी हां, जब आप अपना लोन रिन्यू कराते हैं, तो आपको यह देखना होगा कि आज आपके सोने की कीमत क्या है। भले ही आपके लोन की सिक्योरिटी बैंक के पास है, लेकिन सोने की कीमत मार्केट के हिसाब से दोबारा तय होती है। अगर सोने के रेट में बदलाव होता है, तो आपके लोन का LTV (लोन टू वैल्यू) रेश्यो भी बदल जाता है।

सोने के दाम गिरे तो क्या होगा?

हो सकता है कि जब आपने गोल्ड लोन लिया हो, तब सोने के दाम ज्यादा हों। उस वक्त बैंक ने आपको सोने की ज्यादा कीमत के हिसाब से लोन दे दिया। लेकिन अगर बाद में सोने के दाम गिर जाते हैं, तो आपके गिरवी रखे गहनों की वैल्यू भी कम हो जाती है। हालांकि, आपको जो पैसा बैंक को चुकाना है, वो कम नहीं होता। इसका नतीजा ये होता है कि आपके लोन और गिरवी रखे सोने की वैल्यू के बीच का अंतर बढ़ जाता है। इसे ही LTV का बढ़ना कहते हैं।

आरबीआई (RBI) के नियमों के मुताबिक, लोन की पूरी अवधि के दौरान तय LTV लिमिट को बनाए रखना जरूरी है। सोने की कीमत गिरने से आपके सोने की वैल्यू काफी कम हो सकती है। ऐसे हालात में बैंक आपसे बकाया रकम कम करने के लिए कह सकता है। या फिर नियमों के तहत, बैंक आपसे सिक्योरिटी के तौर पर और सोना जमा करने की मांग कर सकता है।

बैंक आपको सोने की वैल्यू के आधार पर ही लोन देते हैं, इसलिए सोने की कीमत बहुत मायने रखती है। आरबीआई के नियमों के मुताबिक, 2.5 लाख रुपये तक के कंज्यूमर लोन के लिए अधिकतम LTV 85 प्रतिशत है। वहीं, 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक के लोन पर यह लिमिट 80 प्रतिशत और 5 लाख रुपये से ज्यादा के लोन पर 75 प्रतिशत तय की गई है।

इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आपने 8 लाख रुपये के गहने गिरवी रखकर 5 लाख रुपये का लोन लिया है। अगर सोने की वैल्यू गिरकर 6.6 लाख रुपये रह जाती है, तो आपका 5 लाख का लोन गिरवी रखे सोने का एक बड़ा हिस्सा बन जाएगा। इसलिए, लोन रिन्यू कराने से पहले यह जरूर देख लें कि आपकी बकाया रकम कितनी है और नया LTV रेश्यो क्या बन रहा है।

गोल्ड लोन रिन्यू कराते समय आपको नई अवधि, ब्याज दर, ब्याज चुकाने का तरीका और बाकी चार्ज जैसी बातों पर ध्यान देना चाहिए। क्या रिन्यूअल से पहले कोई सर्विस चार्ज लग रहा है? क्या बैंक सोने की दोबारा वैल्यू निकाल रहा है? आपको सोने की कीमतों में हुए बदलाव की पूरी जानकारी होनी चाहिए। अगर सोने के दाम गिरने से LTV लिमिट पर असर पड़ता है, तो लोन लेने वाले को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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