Swiggy bill viral: 26 रुपये के फूड ऑर्डर पर 30 रुपये GST लगने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्राहक ने पूछा कि इतना ज्यादा टैक्स कैसे लग सकता है। इस पर स्विगी ने जवाब दिया है कि टैक्स का कैलकुलेशन ओरिजिनल प्राइस के आधार पर किया गया है।

Online Food Delivery Hidden Charges: ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स पर लगने वाले अलग-अलग चार्ज अक्सर ग्राहकों को हैरान कर देते हैं। अब सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही पोस्ट वायरल हो रहा है। एक ग्राहक ने 26 रुपये के ऑर्डर पर 30 रुपये GST लगने पर सवाल उठाया है। ग्राहक ने अपना बिल देखा और स्विगी से पूछा कि ऑर्डर की मूल कीमत से ज्यादा GST कैसे हो सकता है। अब इस मामले पर कंपनी का जवाब भी चर्चा में आ गया है।

'GST का कैलकुलेशन कैसे होता है?'

ग्राहक का सीधा सा सवाल था कि अगर खाने की कीमत 26 रुपये है, तो टैक्स 30 रुपये कैसे हो गया। आमतौर पर ग्राहक बिल में दिखने वाले फाइनल अमाउंट पर टैक्स का हिसाब लगाते हैं। लेकिन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के बिल में खाने की कीमत के साथ-साथ कई तरह के चार्ज और उन पर लगने वाला टैक्स भी शामिल होता है।

स्विगी ने अपने नियमों में बताया है कि ऑर्डर करने से पहले चेकआउट के समय ग्राहकों को सभी चार्ज दिखाए जाते हैं। इनमें डिलीवरी फीस, हैंडलिंग फीस, कन्वीनियंस फीस, प्लेटफॉर्म फीस और पैकेजिंग फीस जैसे कई चार्ज शामिल हो सकते हैं।

स्विगी ने क्या जवाब दिया?

ग्राहक के सवाल का जवाब देते हुए स्विगी ने बताया कि टैक्स का कैलकुलेशन ओरिजिनल प्राइस (मूल कीमत) के आधार पर किया गया है। इसका मतलब है कि ग्राहक को डिस्काउंट के बाद जो फाइनल अमाउंट दिखता है, टैक्स सीधे उस पर नहीं लगता। ऑर्डर की मूल कीमत और उस पर लगने वाले अलग-अलग चार्ज के हिसाब से टैक्स का कैलकुलेशन बदल सकता है। यही वजह है कि जब हम बिल में दिखने वाले ऑर्डर अमाउंट और GST को सीधे तौर पर मिलाते हैं, तो कन्फ्यूजन पैदा होता है。

सिर्फ खाने की कीमत नहीं, दूसरे चार्ज भी होते हैं

स्विगी की आधिकारिक शर्तों के मुताबिक, किसी भी ऑर्डर पर डिलीवरी, हैंडलिंग, कन्वीनियंस, प्लेटफॉर्म, पैकेजिंग और दूसरे चार्ज लग सकते हैं। ये सभी चार्ज चेकआउट के समय स्क्रीन पर दिखते हैं। कंपनी ने बताया कि फाइनल टैक्स बिल संबंधित मर्चेंट या डिलीवरी पार्टनर दे सकता है।

आजकल सोशल मीडिया पर स्विगी के बिल में लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। उदाहरण के लिए, सितंबर 2026 में एक पोस्ट वायरल हुआ था। इसमें दिखाया गया था कि रेस्टोरेंट में जो खाना 230 रुपये का था, वही स्विगी पर 436 रुपये का मिल रहा था।

वायरल पोस्ट ने फिर खड़े किए सवाल

26 रुपये के ऑर्डर पर 30 रुपये GST देखकर ग्राहकों में हैरानी होना लाजमी है। लेकिन फूड डिलीवरी बिल में सिर्फ खाने की कीमत नहीं होती। इसमें दूसरे चार्ज और उनके टैक्स भी जुड़े होते हैं। इसलिए सिर्फ एक अमाउंट देखकर पूरे टैक्स का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि ऑनलाइन ऑर्डर करने से पहले चेकआउट पेज पर आइटम प्राइस, डिस्काउंट, डिलीवरी फीस, प्लेटफॉर्म फीस और टैक्स ब्रेकअप को ध्यान से देखना कितना जरूरी है।

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