RAC टिकट क्या होता है? जानिए इसके कंफर्म होने के नियम और प्रॉसेस

Published : May 22, 2026, 05:03 PM IST

Railway RAC Rules: आपका पाला भी कभी न कभी 'RAC' शब्द से जरूर पड़ा होगा। ट्रेन टिकट पर RAC लिखा आने पर मन में पहला सवाल यही उठता है कि,'क्या मुझे ट्रेन में बैठने की जगह मिलेगी?' आइए जानते हैं इसका मतलब क्या है और यह सीट कैसे पूरी तरह कंफर्म होती है? 

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RAC टिकट क्या होता है?

RAC का फुल फॉर्म Reservation Against Cancellation होता है। यानी किसी के टिकट कैंसिल कराने पर मिलने वाला रिजर्वेशन। बिल्कुल आसान शब्दों में कहें तो, यह रेलवे का एक ऐसा एडजस्टमेंट है, जिसमें एक लोअर बर्थ (नीचे वाली सीट) को दो आरएसी टिकट वाले यात्रियों के बीच बांट दिया जाता है।

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RAC टिकट के फायदे और नुकसान

आरएसी टिकट का फायदा ये है कि इससे आपको ट्रेन के डिब्बे (Coach) में एंट्री मिल जाती है और सफर करने के लिए बैठने की सीट पक्की हो जाती है। आप वेटिंग टिकट की तरह बिना सीट के नहीं रहते। नुकसान ये है कि आपको सोने के लिए पूरी बर्थ नहीं मिलती। आपको सामने वाले सह-यात्री यानी को-पैसेंजर के साथ बैठकर ही पूरी रात का सफर काटना पड़ता है।

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RAC टिकट कंफर्म कैसे होता है?

  • ट्रेन के चलने से पहले जब भी कोई कंफर्म टिकट वाला यात्री अपनी यात्रा कैंसिल करता है, तो वो खाली सीट सीधे पहले नंबर वाले RAC यात्री को मिल जाती है।
  • ट्रेन छूटने से पहले जब चार्ट बनता है। तब VIP कोटा या इमरजेंसी कोटे की जो सीटें खाली रह जाती हैं, उन्हें भी आरएसी वाले पैसेंजर्स को दे दिया जाता है। अगर आपका आरएसी नंबर छोटा है (जैसे RAC 1, 2, 3), तो चार्ट बनते ही आपका टिकट 100% कंफर्म होने का चांस रहता है।
  • मान लीजिए चार्ट बनने के बाद भी आपका टिकट आरएसी ही रहा और आप ट्रेन में बैठ गए। अब भी उम्मीद बाकी है। जब ट्रेन चलती है, तो TTE सभी सीटों को चेक करता है। कई बार ऐसा होता है कि कोई कंफर्म सवारी ट्रेन में चढ़ी ही नहीं, किसी यात्री की कनेक्टिंग ट्रेन छूट गई। ऐसी स्थिति में जो सीटें खाली बचती हैं, टीटीई ट्रेन के अंदर ही आरएसी वाले यात्रियों की बुकिंग देखकर उन्हें वो पूरी सीट अलॉट कर देता है।
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वेटिंग लिस्ट (WL) और आरएसी (RAC) में क्या अंतर है

वेटिंग टिकट (Waiting Ticket): अगर चार्ट बनने के बाद भी आपका टिकट वेटिंग लिस्ट में रह जाता है, तो आप रिजर्वेशन वाले डिब्बे (स्लीपर या एसी) में पैर भी नहीं रख सकते। ऑनलाइन वेटिंग टिकट तो अपने आप कैंसिल होकर पैसा वापस आ जाता है।

आरएसी टिकट (RAC Ticket): चार्ट बनने के बाद भी अगर यह आरएसी रहता है, तो भी आप कानूनी तौर पर ट्रेन के अंदर जाकर अपनी अलॉट की गई सीट पर बैठ सकते हैं। रेलवे आपको ट्रेन से उतार नहीं सकता।

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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल भारतीय रेलवे के सामान्य नियमों और प्रक्रिया पर आधारित है। सीटों का कंफर्म होना त्योहारों के सीजन, यात्रियों की संख्या और कैंसिलेशन (Cancellation) पर निर्भर करता है। किसी भी ताजा अपडेट या आधिकारिक नियम के लिए भारतीय रेलवे की वेबसाइट या 139 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

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